पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई वृद्धि को लेकर विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

बीएस राय। पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर लोगों को लूटने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने जवाबदेही तय करने की मांग की और मांग की कि कैग को ऑडिट करना चाहिए कि सरकारी नीतियों से निजी कंपनियों को किस तरह फायदा हुआ।

विपक्षी दल ने यह भी मांग की कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को जांच करनी चाहिए कि इसमें जानबूझकर लापरवाही बरती गई या मिलीभगत थी। कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, “भारत के लोगों को लूटा जा रहा है – एक तरफ मोदी सरकार कर का बोझ बढ़ा रही है और लोगों की जेब काट रही है, वहीं दूसरी तरफ निजी और सरकारी तेल कंपनियां मुनाफा कमा रही हैं!

विपक्ष ने कहा कि यह खुला आर्थिक शोषण है!” “सच्चाई यह है: मई 2014 में पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क 9.20 रुपये और डीजल पर 3.46 रुपये था। जो अब मोदी सरकार में पेट्रोल पर 19.90 रुपये और डीजल पर 15.80 रुपये है – 357 प्रतिशत और 54 प्रतिशत की वृद्धि!” उन्होंने हिंदी में अपने पोस्ट में कहा।

कांग्रेस नेता ने दावा किया कि सरकार ने पिछले ग्यारह वर्षों में पेट्रोलियम क्षेत्र से 39.54 लाख करोड़ रुपये कमाए, फिर भी उसने लोगों को कोई राहत नहीं दी। रमेश ने कहा, “मई 2014 में कच्चा तेल 108 डॉलर प्रति बैरल था, आज यह केवल 65.31 डॉलर है – यानी 40 फीसदी सस्ता, फिर भी पेट्रोल और डीजल की कीमतें यूपीए के दौर से ज्यादा हैं।”

“2014 में दिल्ली में पेट्रोल 71.41 रुपये और डीजल 55.49 रुपये प्रति लीटर था। आज वही पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर है – जनता को खुलेआम लूटा जा रहा है। किसे फायदा हो रहा है?” उन्होंने पूछा।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकारी कंपनियों के साथ-साथ निजी तेल कंपनियां भी रिफाइनिंग और मार्केटिंग से भारी मुनाफा कमा रही हैं, जबकि आम आदमी महंगे पेट्रोल और डीजल के बोझ तले दबा हुआ है। “मामला गंभीर है! सीएजी को ऑडिट करना चाहिए कि सरकारी नीतियों से इन निजी कंपनियों को कैसे फायदा हुआ।

रमेश ने कहा कि सीवीसी और सीबीआई को जांच करनी चाहिए कि क्या इसमें जानबूझकर लापरवाही या मिलीभगत थी? उन्होंने कहा, “सार्वजनिक धन का हिसाब होना चाहिए? जवाबदेही तय होनी चाहिए।” कांग्रेस महासचिव ने एक मीडिया रिपोर्ट साझा की, जिसमें कहा गया था कि तेल कंपनियां बड़ा लाभ कमा रही थीं, लेकिन अब लोगों के लिए कीमतें कम कर रही हैं।

कांग्रेस ने पिछले हफ्ते पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में बढ़ोतरी को लेकर सरकार पर कटाक्ष किया था, जिसमें राहुल गांधी ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आखिरकार “टैरिफ” का करारा जवाब दिया है। गांधी ने यह भी कहा था कि महंगाई से पीड़ित लोगों को “सरकारी लूट” का एक और तोहफा दिया गया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की। पेट्रोल पर उत्पाद शुल्क बढ़ाकर 13 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया।