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जांच में सुनील नरेन का बैट फेल, अंपायर ने बदलने को कहा

आईपीएल के दौरान अंपायर लगातार मैचों में बल्लेबाजों के बैट के साइज चेक कर रहे हैं। मंगलवार को पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स के बीच हुए मुकाबले में ऑलराउंडर सुनील नरेन का बल्ला जांच में फेल रहा, जिसके बाद उन्हें अंपायर ने तुरंत बैट को बदलने के लिए कहा।

साभार : गूगल

क्रिकेट में बल्ले के साइज को लेकर नियम में कई बार बदलाव हुए। बैट के नियम में सबसे चर्चित बदलाव 1979 में देखने को मिला था, जब पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर डेनिस लिली द्वारा एल्युमीनियम बल्ले का इस्तेमाल किया था, जिसके बाद नियम में बदलाव करते हुए सिर्फ लकड़ी के बल्ले का ही उपयोग अनिवार्य किया गया।

पिछले कुछ सालों में खिलाड़ी एक से अधिक बल्ले अपने किट बैग में रखते हैं और ज्यादातर बल्ले अलग-अलग वजन और साइज के होते हैं।

नियम के अनुसार बल्ले का वजन अलग-अलग हो सकता है लेकिन उसकी लंबाई, चौड़ाई (बल्ले का अगला हिस्सा), गहराई (बल्ले का बीच का हिस्सा) और किनारे की चौड़ाई आईसीसी द्वारा निर्धारित सीमा के अंदर होनी चाहिए।

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर डेनिस लिली 1979 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट मैच के दौरान एल्युमीनियम बल्ले के साथ खेलने उतरे थे, जिसके कारण काफी विवाद हुआ था और उन्हें लकड़ी के बल्ले का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ा।

जाने नियम

2017 में आईसीसी ने बैट को लेकर नए नियम बनाए थे, जिसमें बैट की चौड़ाई और लंबाई में कोई बदलाव नहीं किया गया लेकिन किनारे की मोटाई 40 मिमी से ज़्यादा नहीं हो सकती है, किसी भी बिंदु पर बैट की मोटाई 67 मिमी से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

अंपायरों के पास यह जांचने के लिए एक गेज होगा कि बैट नए नियमों के मुताबिक है या नहीं। नियमों के अनुसार किसी भी बल्ले की चौड़ाई 10.79 सेमी, मोटाई 6.7 सेमी, किनारे की चौड़ाई चार सेमी तथा लंबाई 96.4 सेमी से अधिक नहीं होनी चाहिए।