शेन बॉन्ड का बयान: राजस्थान रॉयल्स के लिए आगे की राह चुनौतीपूर्ण
आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की हालत अच्छी नहीं है। नौ में से दो मैच जीतकर टीम अंकतालिका में नीचे से दूसरे स्थान पर है। गेंदबाजी कोच शेन बॉन्ड ने माना कि इस सीजन में टीम के लिए आगे का रास्ता मुश्किल दिखाई दे रहा है।

उन्होंने भरोसा दिलाया कि बचे हुए पांच लीग मैचों में टीम और खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। हाल के कुछ मैच राजस्थान ने करीबी अंतर से हारे।
शेन बॉन्ड ने कहा, सबसे कठिन बात यह है कि हम 35 ओवरों तक मैच पर नियंत्रण में रहे, लेकिन आखिरी पलों में विपक्षी टीमें हमसे बेहतर साबित हुईं। अगर आप अंकतालिका देखें तो हम सोचते हैं कि हम कहां हो सकते थे, लेकिन अब कुछ नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा, शायद अब हम टूर्नामेंट से बाहर हैं, लेकिन अभी भी बहुत कुछ दांव पर है। टीम के लिए सीजन को मजबूती से खत्म करना और व्यक्तिगत तौर पर भविष्य के लिए खुद को साबित करना जरूरी है।
राजस्थान की मुश्किलें कई मोर्चों पर रही हैं। कप्तान संजू सैमसन चोट के कारण ज्यादातर समय टीम से बाहर रहे, जिसके चलते रियान पराग को कप्तानी संभालनी पड़ी और 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को ओपनिंग करनी पड़ी।
वैभव ने अपने हुनर की झलक दिखाई, बाकी बल्लेबाजों की असंगत प्रदर्शन ने टीम को नुकसान पहुंचाया। राजस्थान पांच बार लक्ष्य का पीछा करते हुए हार चुका है। पावरप्ले में सबसे तेज रन बनाने के बावजूद, टीम मिडिल और डेथ ओवर्स में रन गति बनाए रखने में असफल रही है।
स्पिनर्स का प्रदर्शन काफी खराब रहा, जिनकी इकॉनमी रेट (9.16) और स्ट्राइक रेट (23) लीग में सबसे खराब में शामिल हैं। बॉन्ड ने अपनी गेंदबाजी इकाई का बचाव करते हुए कहा, हाल के तीन मैचों में हमने विपक्षी टीमों को ऐसे स्कोर पर रोका जिसे हम आसानी से चेज़ कर सकते थे। हमने मौके गंवाए, खासकर बल्लेबाजी में।
जोफ्रा आर्चर ने अच्छी गेंदबाजी की लेकिन उतनी नियमितता से विकेट नहीं निकाल पाए जितनी गुजरात टाइटंस के प्रसिद्ध कृष्णा ने। तुषार देशपांडे और संदीप शर्मा भी निर्णायक क्षणों में प्रभावी साबित नहीं हो पाए।
गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले जाने मैच राजस्थान के लिए ‘करो या मरो’ जैसा होगा। हारने पर प्लेऑफ की आखिरी उम्मीद भी चकनाचूर हो जाएगी, लेकिन जीतने पर टीम कुछ समय के लिए दौड़ में बनी रह सकती है।
उन्होंने कहा, पिछले साल हमने घर पर सारे मैच जीते थे। इस बार बदलाव आया है, और कई टीमें घरेलू परिस्थितियों के अनुकूल नहीं हो पाईं। हमारा पहला लक्ष्य सीजन को सम्मानजनक तरीके से खत्म करना है। खिलाड़ियों का जज्बा और मेहनत आखिरी दिन तक बनी रहेगी।