भारतीय युवा शतरंज प्रतिभाओं के मुरीद हुए कास्पारोव, गुकेश पर खास टिप्पणी
रूस के महान शतरंज खिलाड़ी गैरी कास्पारोव का कहना है कि डी गुकेश उनकी तुलना में अलग स्थिति में है, नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन हर लिहाज से उनसे बेहतर खिलाड़ी हैं। गुकेश ने 17 वर्ष की उम्र में चीन के मौजूदा विजेता डिंग लिरेन को 14 चालों में हराकर विश्व चैम्पियनशिप खिताब जीता था।

कास्पोरोव 22 साल के थे जब उन्होंने 1985 में अनातोली कार्पोव को हराकर विश्व खिताब जीता था। कास्पारोव ने बुकारेस्ट में सुपरबेट शतरंज क्लासिक के दौरान सेंट लुईस शतरंज क्लब के यूट्यूब चैनल से कहा ,‘‘ गुकेश आधिकारिक रूप से विश्व विजेता है। इसमें कोई शक नहीं लेकिन हर लिहाज से उससे बेहतर एक और खिलाड़ी भी है।’’
गुकेश और कार्लसन के बीच यह तुलना पहली बार नहीं हुई है। कास्पारोव ने गुकेश समेत भारतीय युवा शतरंज खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए उन्हें ‘विशी के बच्चे ’ करार दिया।
पांच बार के विश्व विजेता विश्वनाथन आनंद उनके समकालीन रहे हैं। उन्होंने कहा ,‘‘ गुकेश के प्रदर्शन में सुधार की काफी गुंजाइश है। वह अवश्य इसे समझकर इस पर काम कर रहा होगा। कैंडिडेट्स जीतने के बाद गुकेश का प्रदर्शन बेहतर हो रहा था। विश्व चैम्पियनशिप मैच में कुछ भी हो सकता है क्योंकि यह लंबा मैच होता है लेकिन गुकेश हमेशा आगे था। गुकेश उस मैच में लिरेन से बेहतर खिलाड़ी था।’’