कोहली और अय्यर: 18 साल का इंतजार खत्म करने की जंग
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और पंजाब किंग्स अहमदाबाद में जब आईपीएल फाइनल में आमने-सामने होंगी, उनका लक्ष्य यह ट्रॉफी जीतने का 18 साल का इंतजार खत्म करना होगा। सभी की निगाहें टेस्ट से संन्यास लेने वाले विराट कोहली पर रहेंगी जो शुरू से आरसीबी से जुड़े होने के बावजूद अपनी टीम को आईपीएल का चैंपियन नहीं बना पाए हैं। आरसीबी और कोहली का यह चौथा फाइनल होगा।

अपनी पिछली समस्याओं को पीछे छोड़कर आरसीबी ने शुरू से लेकर अंत तक अच्छा प्रदर्शन किया है। टीम ने पहले क्वालीफायर में पंजाब को आठ विकेट से हराकर फाइनल में जगह बनाई और उनकी टीम अपने इसी प्रदर्शन को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध होगी। कोहली (614 रन) ने हर साल की तरह इस बार अच्छा प्रदर्शन किया है। वह इस साल आरसीबी की बल्लेबाजी के मुख्य स्तंभ रहे। इस बार उन्हें अन्य खिलाड़ियों का अच्छा सहयोग मिला जिसने मुख्य अंतर पैदा किया।
इस वर्ष कोहली अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं रहे हैं जिन पर सबका ध्यान रहा है, बल्कि उन्होंने चुपचाप आरसीबी को मजबूत करने का काम किया है। फिल साल्ट ने भारतीय सुपरस्टार का अच्छा साथ देकर आरसीबी को अच्छी शुरुआत दिलाई, जबकि मयंक अग्रवाल, कप्तान रजत पाटीदार और जितेश शर्मा जैसे भरोसेमंद खिलाड़ी हैं।
टिम डेविड चोटिल होने के कारण आरसीबी के पिछले दो मैचों में नहीं खेल पाए इसलिए यह देखना बाकी है कि वह इस मुकाबले के लिए फिट हैं या नहीं। उन्होंने रोमारियो शेफर्ड के साथ मिलकर डेथ ओवरों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
गेंदबाजी में शांत और धैर्यवान जोश हेजलवुड (21 विकेट) ने आरसीबी के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। वह आईपीएल के वर्तमान सत्र में सर्वाधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में अभी चौथे स्थान पर है। मुल्लांपुर में अपने घरेलू मैदान पर पहले क्वालीफायर में आरसीबी से मिली करारी हार के बावजूद श्रेयस अय्यर की अगुवाई वाली पंजाब किंग्स ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ दूसरे क्वालीफायर में बेहतरीन प्रदर्शन किया।
उसने पांच बार की विजेता मुंबई इंडियंस को हराकर 11 वर्षों के बाद पहली बार फाइनल में प्रवेश किया। दस टीमों की अंक तालिका के दूसरे हाफ में लगातार शीर्ष पर रहने वाली पंजाब किंग्स ने कप्तान अय्यर और कोच रिकी पोंटिंग की देखरेख में महत्वपूर्ण प्रगति की है।
अय्यर (603 रन) के नेतृत्व में पिछले साल कोलकाता नाइट राइडर्स चैंपियन बना था। इस तरह से लगातार दूसरी बार आईपीएल फाइनल में पहुंचना एक ऐसे नेतृत्वकर्ता के रूप में उनकी क्षमताओं के बारे में बहुत कुछ कहता है जो इस प्रारूप में किसी भी अन्य की तरह ही अपने खिलाड़ियों को अच्छी तरह से संगठित करता है।
यह आश्चर्य की बात नहीं है कि अय्यर टूर्नामेंट के 18 साल के इतिहास में एकमात्र क्रिकेटर हैं, जिन्होंने आईपीएल फाइनल में तीन अलग-अलग टीमों का नेतृत्व किया है। प्रभसिमरन सिंह, जोश इंगलिस, प्रियांश आर्य और शशांक सिंह के रूप में अय्यर का साथ देने के लिए पंजाब किंग्स के पास अच्छे बल्लेबाज हैं, जिससे वह अपनी स्थिति को मजबूती से बनाए रख सकते हैं और विपक्षी खेमे पर आक्रामक हमले भी कर सकते हैं।
मार्को यानसन के बिना पंजाब की गेंदबाजी थोड़ी कमजोर दिखी, लेकिन बल्लेबाजी के अनुकूल विकेट पर मुंबई इंडियंस को पूरी पारी में रोके रखने से पता चलता है कि उसका आक्रमण बहुत कमजोर नहीं है। युजवेंद्र चहल अब भी हाथ की चोट से जूझ रहे हैं और दूसरे क्वालीफायर में वह अपने सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में नहीं थे, लेकिन पंजाब को उनसे अपनी पूर्व फ्रेंचाइजी के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद होगी।
पंजाब और मुंबई के बीच दूसरा क्वालीफायर बारिश से प्रभावित रहा था लेकिन फाइनल के दिन बारिश की भविष्यवाणी नहीं है, लेकिन खेल समय में एक अतिरिक्त घंटा जोड़कर अवधि को 120 मिनट तक बढ़ाया गया है तथा फाइनल में एक रिजर्व दिन रखा गया है।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, फिल साल्ट (विकेटकीपर), जितेश शर्मा (विकेटकीपर), देवदत्त पडिक्कल, स्वास्तिक छिकारा, लियाम लिविंगस्टोन, क्रुणाल पंड्या, स्वप्निल सिंह, टिम डेविड, रोमारियो शेफर्ड, मनोज भंडागे, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम डार, सुयश शर्मा, भुवनेश्वर कुमार, नुवान तुषारा, लुंगी एनगिडी, अभिनंदन सिंह, मोहित राठी, यश दयाल
पंजाब किंग्स: श्रेयस अय्यर (कप्तान), नेहल वढेरा, विष्णु विनोद (विकेटकीपर), जोश इंग्लिस (विकेटकीपर), हरनूर पन्नू, पाइला अविनाश, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, हरप्रीत बराड़, अजमतुल्लाह उमरजई, प्रियांश आर्य, आरोन हार्डी, मुशीर खान, सूर्यांश शेडगे, मिच ओवेन, अर्शदीप सिंह, युजवेंद्र चहल, विशाल विजयकुमार, यश ठाकुर, कुलदीप सेन, जेवियर बार्टलेट, प्रवीण दुबे, काइल जैमीसन