बेंगलुरु भगदड़ : आरसीबी के जश्न को लेकर पुलिस की आपत्ति, कर्नाटक सरकार पर सवाल
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत का जश्न बुधवार को भगदड़ के बाद हुई 11 मौतों से मातम में बदल गया। अब खबर है कि बेंगलुरु पुलिस विधानसभा पर टीम के सम्मान समारोह के पक्ष में नहीं थी। फिलहाल, इसे लेकर सरकार या पुलिस की ओर से आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है।

सरकार का यह भी कहना है कि कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ कार्यक्रम चाहता था। रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अगुवाई वाली सरकार और राज्य क्रिकेट संघ के बीच हुई बातचीत से पता चला है कि विधानसभा पर RCB का जश्न 3 जून को होने वाले फाइनल से पहले ही तय था।
रिपोर्ट के अनुसार, 3 जून को KSCA ने DPAR को पत्र लिखा था, जिसमें विधानसभा के पास आरसीबी के जीतने पर सम्मान समारोह की अनुमति मांगी गई थी। इसके बाद DPAR ने पुलिस की राय जानने के लिए पत्र लिखा। रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों ने बताया है कि पुलिस विधानसभा पर कार्यक्रम कराने के पक्ष में नहीं थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुख्यमंत्री ने क्रिकेट संघ पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा था, ‘हमने कार्यक्रम आयोजित नहीं किया, क्रिकेट संघ ने किया था। हमारी जिम्मेदारी सुरक्षा मुहैय कराने की थी। जितने पास दिए गए थे, उतनी भीड़ आनी थी। अगर ज्यादा लोग पहुंचे, तो हम क्या करें।
देखते हैं जांच में क्या पता चलता है। यह पुलिस की लापरवाही है या संघ की।’ कर्नाटक के गृहमंत्री जी परमेश्वरा ने कहा कि क्रिकेट संघ कार्यक्रम चाहता था और सरकार ने इसकी सुविधा दी। उन्होंने कहा, ‘मुख्यमंत्री ने पहले ही कहा है कि घटना की मजिस्ट्रेट जांच होगी।
आरसीबी और KSCA यह समारोह चाहते थे और हमने कहा कि हम इसकी सुविधा देंगे।’ कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले पर स्वत: संज्ञान लिया है। हला आईपीएल खिताब जीतने का जश्न बुधवार को मातम में बदल गया जब जश्न में शामिल होने के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हजारों की संख्या में प्रशंसकों के उमड़ने से मची भगदड़ में 11 लोग मारे गए और लगभग 30 लोग घायल हो गए।
सिद्धारमैया ने कहा, ‘चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास दो तीन लाख से अधिक लोग आए थे, किसी को भी इतनी भीड़ की उम्मीद नहीं थी।’ उन्होंने कहा, ‘आरसीबी के जश्न में मरने वालों में से अधिकांश युवा हैं। सरकार मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देगी।’