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सुनील गावस्कर ने बताया लॉर्ड्स टेस्ट में भारत की हार का टर्निंग पॉइंट

लॉर्ड्स टेस्ट की हार ने भारतीय प्लेयर्स सहित उनके फैंस का दिल तोड़ कर रख दिया है। एक समय ऐसा लगने लगा था कि टीम इंडिया इस मैच को जीत सकती है, मगर फिर मोहम्मद सिराज की किस्मत ने गच्चा दे दिया और भारत को 22 रनों से हार मिली।

साभार : गूगल

भारत की तीसरे टेस्ट में हार के कई वजह है, दूसरी पारी में टॉप ऑर्डर का ना चलना…बल्लेबाजों द्वारा लूज शॉट्स खेलना…नीतीश कुमार रेड्डी जो बैटिंग ऑलराउंडर हैं उन्हें वॉशिंगटन सुंदर के बाद भेजना वगैरा-वगैरा।

मगर भारतीय पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने उस विकेट की बात की है जिसने इस मैच को पूरी तरह पलट कर रख दिया। अगर वो विकेट गिरा ना होता तो शायद पहली पारी में टीम इंडिया कुछ रनों की बढ़त भी हासिल कर पाता।

यह विकेट है ऋषभ पंत का, जिन्होंने केएल राहुल का शतक पूरा कराने के प्रयास में रिस्की सिंगल लेने की कोशिश की और रन आउट हो गए। सुनील गावस्कर ने एक बातचीत के दौरान कहा, “यह मैच का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट था। दोनों बल्लेबाज बहुत अच्छा खेल रहे थे, उनकी बल्लेबाजी शानदार थी। यह आग और बर्फ के मेल जैसा था।

राहुल पूरी तरह से शांत और सटीक थे, सोचे-समझे स्ट्रोक्स खेल रहे थे, जबकि ऋषभ पंत ने अपनी ताकत और जोरदार खेल दिखाया, जिससे इंग्लैंड के गेंदबाजी आक्रमण पर वाकई दबाव बन गया।” उन्होंने आगे कहा, “यह एक रोमांचक साझेदारी थी, और फिर, लंच से ठीक पहले के आखिरी घंटे में, रन-आउट ने सब कुछ बदल दिया।

हां, लंच के बाद हम 100 रन तक पहुंचने में कामयाब रहे, लेकिन ऐसा रन-आउट दिमाग में हमेशा के लिए रह जाता है। शायद इसीलिए, शतक के बाद, एक छोटी सी चूक हुई, एक शॉट जिससे राहुल आउट हो गए।

इसलिए बहुत कम समय में, भारत ने दो मजबूत बल्लेबाज खो दिए। अचानक, दो नए बल्लेबाजों को आकर नए सिरे से साझेदारी बनानी पड़ी और यह कभी आसान नहीं होता।”

जब ऋषभ पंत आउट हुए तो उनकी केएल राहुल के साथ 141 रनों की साझेदारी हो चुकी थी और वह 74 रन बनाकर शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे। इस साझेदारी के दम पर ही टीम इंडिया पहली पारी में इंग्लैंड के 387 के स्कोर के बराबर पहुंचने में कामयाब रही थी।