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श्रम मंत्रालय का ऐलान- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना 1 अगस्त से लागू होगी

बीएस राय: श्रम मंत्रालय ने कहा है कि रोज़गार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना 1 अगस्त से लागू होगी। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को मंज़ूरी दी थी, जिसका उद्देश्य देश में रोज़गार सृजन को प्रोत्साहित करना है, मंत्रालय ने एक बयान में कहा।

99,446 करोड़ रुपये के परिव्यय वाली प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना (पीएमवीबीआरवाई) का लक्ष्य दो वर्षों में 3.5 करोड़ से ज़्यादा रोज़गारों के सृजन को प्रोत्साहित करना है। इनमें से 1.92 करोड़ लाभार्थी पहली बार कार्यबल में शामिल होंगे। इस योजना का लाभ 1 अगस्त, 2025 से 31 जुलाई, 2027 के बीच सृजित नौकरियों पर लागू होगा।

बयान के अनुसार, रोज़गार से जुड़ी प्रोत्साहन योजना 1 अगस्त 2025 से “प्रधानमंत्री विकसित भारत रोज़गार योजना (पीएम-वीबीआरवाई)” के रूप में लागू होगी। यह नाम विकासशील भारत पहल के प्रति योजना के समग्र उद्देश्यों के अनुरूप है और देश में समावेशी एवं सतत रोज़गार के अवसर पैदा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

नियोक्ताओं को नए रोज़गार सृजित करने के लिए प्रोत्साहित करने वाली इस योजना का उद्देश्य विनिर्माण क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए विभिन्न क्षेत्रों में नए रोज़गार सृजन के लिए लाभ प्रदान करना है। यह रोज़गार-आधारित विकास के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने की भारत की रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

इस योजना के दो भाग हैं, भाग A पहली बार नौकरी करने वालों पर केंद्रित है और भाग B नियोक्ताओं पर केंद्रित है। ईपीएफओ में पहली बार पंजीकृत कर्मचारियों को लक्षित करते हुए, भाग-A के तहत एक महीने का ईपीएफ वेतन 15,000 रुपये तक दो किश्तों में दिया जाएगा। 1 लाख रुपये तक के वेतन वाले कर्मचारी पात्र होंगे।

पहली किश्त 6 महीने की सेवा के बाद और दूसरी किश्त 12 महीने की सेवा और कर्मचारी द्वारा वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद देय होगी। बचत की आदत को बढ़ावा देने के लिए, प्रोत्साहन राशि का एक हिस्सा एक निश्चित अवधि के लिए बचत खाते या जमा खाते में रखा जाएगा और कर्मचारी इसे बाद में निकाल सकेंगे।