अभिमन्यु ईश्वरन को मौका न मिलने पर भड़के पिता, गिल- गंभीर से पूछे तीखे सवाल
अभिमन्यु ईश्वरन इंग्लैंड दौरे पर चुनी गई भारतीय स्क्वॉड के उन चुनिंदा बदनसीब खिलाड़ियों में से एक हैं जिन्हें एक भी मैच में मौका नहीं मिला।

डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार रन बनाकर अभिमन्यु भारतीय स्क्वॉड में तो अपनी जगह बनाने में कामयाब रहते हैं, मगर कोच और कप्तान उन्हें कभी प्लेइंग इलेवन में नहीं चुनते। अभिमन्यु ईश्वरन का पहली बार भारतीय टीम में चयन 2022 बांग्लादेश दौरे पर हुआ था।
तब से लेकर 15-16 खिलाड़ी भारत के लिए डेब्यू कर चुके हैं, वहीं करुण नायर जैसे खिलाड़ी जिन्होंने 8 साल बाद टीम में वापसी की उन्हें तक प्लेइंग इलेवन में मौका मिला है, मगर अभिमन्यु अब तक बेंच ही गर्म कर रहे हैं। ऐसे में उनके पिता रंगनाथन ईश्वरन ने टीम इंडिया के चयन मानदंडों की आलोचना की है।
पहले तीन टेस्ट मैचों में करुण नायर के फेल होने के बावजूद उन्हें पांचवें टेस्ट में मौका मिला और एक बार फिर अभिमन्यु ईश्वरन की अनदेखी की गई। ऐसे में अभिमन्यु ईश्वरन के पिता ने कप्तान शुभमन गिल और कोच गौतम गंभीर से तीखे सवाल पूछे हैं।
अपने बेटे को उचित मौका न मिलते देख, अभिमन्यु के पिता रंगनाथन ने घरेलू क्रिकेट में उनके शानदार प्रदर्शन के बावजूद उन्हें इतने लंबे समय तक बेंच पर बैठाए रखने के लिए प्रबंधन पर सवाल उठाए है।
रंगनाथन ईश्वरन ने एक अंग्रेजी अखबार को बताया, “मैं अभिमन्यु के टेस्ट डेब्यू का इंतजार करने के दिनों की गिनती नहीं कर रहा हूं। मैं सालों की गिनती कर रहा हूं; अब तीन साल हो गए हैं। एक खिलाड़ी का काम क्या होता है? रन बनाना। उसने वो किया है।
लोगों ने कहा कि उसने ऑस्ट्रेलिया के पिछले दौरे में इंडिया ए के दो मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और टीम में जगह नहीं बना पाया, जो कि सही भी है।
लेकिन जब अभिमन्यु ने BGT से पहले अच्छा प्रदर्शन किया था, उस दौरान करुण नायर टीम में नहीं थे। करुण को दलीप ट्रॉफी या ईरानी ट्रॉफी के लिए नहीं चुना गया था। अगर आप पिछले साल से लेकर इस साल तक की अवधि पर गौर करें तो अभिमन्यु ने लगभग 864 रन बनाए हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि कैसे कुछ खिलाड़ी अपने आईपीएल प्रदर्शन के जरिए सुर्खियों में आ जाते हैं और कहा कि टेस्ट टीम चुनते समय आईपीएल के प्रदर्शन को ध्यान में नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, “तो फिर तुलना कैसे करें? मुझे समझ नहीं आता। उन्होंने करुण नायर को मौका दिया।
ठीक है, उन्होंने 800 से ज्यादा रन बनाए। चयनकर्ताओं ने उन पर भरोसा जताया है। मेरा बेटा थोड़ा उदास लग रहा है, लेकिन ऐसा होना स्वाभाविक है। कुछ खिलाड़ी आईपीएल के प्रदर्शन के आधार सुर्खियां बटोरते हैं, जिससे उन्हें टेस्ट टीम में जगह मिल जाती है।
टेस्ट क्रिकेट के लिए टीम चुनते समय आईपीएल के प्रदर्शन को ध्यान में नहीं रखा जाना चाहिए। रणजी ट्रॉफी, दलीप ट्रॉफी और ईरानी ट्रॉफी को टेस्ट टीम में चयन का आधार बनाया जाना चाहिए।”