लाल किले पर पहली बार पहुंचेंगे खो-खो के सितारे
नई दिल्ली : स्वदेशी खेल खो-खो के लिए यह ऐतिहासिक अवसर है—भारतीय पुरुष और महिला खो-खो टीमों के खिलाड़ी, जिन्होंने उद्घाटन संस्करण का खो-खो वर्ल्ड कप जीता था, को 79वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में लाल किले पर विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।
यह पहली बार है जब खो-खो खिलाड़ियों को भारत के स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनने का सम्मान मिला है। इस साल जनवरी 13 से 19 तक इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित पहले खो-खो वर्ल्ड कप में भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने खिताब जीतकर इतिहास रचा था।
स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल होंगे खो-खो वर्ल्ड कप चैंपियंस

इस टूर्नामेंट में 6 महाद्वीपों के 23 देशों से 39 टीमें (20 पुरुष और 19 महिला) शामिल हुई थीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 अगस्त को लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस वर्ष के समारोह में खेल, नवाचार और सामाजिक नेतृत्व जैसे विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 5,000 विशेष अतिथियों को आमंत्रित किया गया है।
“यह खो-खो जैसे स्वदेशी खेल के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। मैंने अब तक स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस समारोह केवल टीवी पर देखे हैं, और यह पहली बार होगा जब मैं अपने साथियों के साथ इसे प्रत्यक्ष देखूंगी।
यह एक अद्भुत अनुभव है,” विश्व कप विजेता महिला टीम की सदस्य निर्मला भाटी ने कहा। “हम सभी बेहद उत्साहित हैं कि पहली बार खो-खो खिलाड़ियों को आमंत्रित किया गया है।

यह हमारे लिए गर्व का क्षण है, और हम तहेदिल से केकेएफआई अध्यक्ष सुधांशु मित्तल और डॉ. एम.एस. त्यागी का उनके निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद करते हैं,” विजेता पुरुष टीम के कप्तान प्रतीक वैकर ने कहा। “यह खो-खो खेल के लिए गर्व और सम्मान का अवसर है। इन खिलाड़ियों की यात्रा समर्पण, धैर्य और जुनून की मिसाल है।
इन्होंने कठिनाइयों का सामना करते हुए अपना मुकाम बनाया है, और यह निमंत्रण खेल की बढ़ती प्रतिष्ठा का सच्चा सम्मान है,” खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया (केकेएफआई) के अध्यक्ष सुधांशु मित्तल ने कहा।
खिलाड़ियों को बधाई देते हुए केकेएफआई के प्रशासन एवं संगठन समिति के चेयरमैन डॉ. एम.एस. त्यागी ने कहा, “जब हमारे खिलाड़ी लाल किले पर राष्ट्रीय गान के सम्मान में खड़े होंगे, वह पूरे खो-खो परिवार के लिए गर्व का क्षण होगा।
हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया के आभारी हैं, जिन्होंने भारतीय खेल के ‘जाबांज़’ खिलाड़ियों को सम्मानित किया।”
यह ऐतिहासिक आमंत्रण न केवल खो-खो की बढ़ती पहचान का प्रतीक है, बल्कि यह सरकार की स्वदेशी खेलों को राष्ट्रीय और वैश्विक मंच पर बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।
इन खिलाड़ियों में से 15 इसी साल 29 नवंबर से होने वाले अल्टीमेट खो-खो (यूकेके) के नए सीज़न के प्लेयर ड्राफ्ट में शामिल होंगे। 2022 में शुरुआत के बाद से, यूकेके ने खो-खो फेडरेशन ऑफ इंडिया (केकेएफआई) के साथ मिलकर खिलाड़ियों को एक संगठित पेशेवर मंच दिया है,
इस अवसर पर प्रतीक वैकर ने कहा, “स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले में आमंत्रित होना मेरे जीवन के सबसे गर्वपूर्ण पलों में से एक है। इस साल की शुरुआत में वर्ल्ड कप जीतना हमारे लिए ऐतिहासिक था, लेकिन देश से मिला यह सम्मान साबित करता है कि खो-खो को आखिरकार उसका हक मिल रहा है।
सम्मानित खिलाड़ियों में वर्ल्ड कप विजेता प्रतीक वैकर, रामजी कश्यप, सचिन भार्गो, सुयश गर्गटे, गोवथम एम.के., रोकसन खुमन, निखिल बी., पबनी साबर, आकाश बलियान, आदित्य गनपुले, सिवा रेड्डी, सुब्रमणि, मेहुल, अनिकेत पोटे और सुमन बर्मन शामिल हैं, जिनके शानदार प्रदर्शन ने इस खेल को देश और विदेश में नई गति और ऊर्जा दी है।
बताते चले कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजन में खो-खो की मौजूदगी यह भी दर्शाती है कि सरकार स्वदेशी खेलों को नई ऊंचाई पर ले जा रही है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने खो-खो को एशियाई खेलों और 2036 ओलंपिक में शामिल करने की खुलकर वकालत की है।
उन्होंने इसे खिलाड़ियों, महासंघों और खेल मंत्रालय के “सामूहिक प्रयास” का नतीजा बताया, जिसका उद्देश्य इस खेल की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करना है। यह समारोह भारत की 2036 ओलंपिक बोली और 1936 के बर्लिन ओलंपिक में खो-खो के प्रदर्शन के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर से भी जुड़ा है।