यूएस ओपन : युकी भांबरी पहली बार ग्रैंड स्लैम क्वार्टर फाइनल में, रच दिया इतिहास
अनुभवी भारतीय टेनिस खिलाड़ी युकी भांबरी ने यूएस ओपन 2025 में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की। वे पहली बार अपने करियर में किसी ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने में सफल हुए हैं।

इस तरह उन्होंने इतिहास रच दिया है। यह सफलता उन्होंने न्यूजीलैंड के अपने जोड़ीदार माइकल वीनस के साथ मेंस डबल्स मुकाबले में हासिल की। यूएस ओपन में 14वीं वरीयता प्राप्त युकी भांबरी और माइकल वीनस की जोड़ी ने अपने तीसरे दौर के मुकाबले में शानदार प्रदर्शन किया।
युकी भांबरी और माइकल वीनस ने मिलकर जर्मनी के अनुभवी खिलाड़ियों केविन क्रावीत्ज और टिम पुएत्ज की जोड़ी को सीधे सेटों में 6-4, 6-4 से हराया। मुकाबला एक घंटे 23 मिनट तक चला, जिसमें भारतीय-न्यूजीलैंड की जोड़ी ने अपनी सर्विस और नेट गेम पर मजबूत पकड़ बनाए रखी।
इस जीत के साथ ही वे टूर्नामेंट के अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की करने में कामयाब रहे। हालांकि, अगला मुकाबला भांबर-वीनस की जोड़ी के लिए बहुत कठिन होने वाला है। क्वार्टर फाइनल में युकी भांबरी और माइकल वीनस को क्रोएशिया के निकोला मेकटिच और अमेरिका के राजीव राम की जोड़ी से भिड़ना होगा।
यह मुकाबला भांबरी के लिए एक और बड़ी चुनौती साबित होगा, क्योंकि मेकटिच और राम दोनों ही अनुभवी और सफल डबल्स प्लेयर हैं।
हालांकि, जिस तरह का प्रदर्शन भांबरी-वीनस ने पिछले मैचों में किया है, उससे उम्मीद है कि वे इस मुकाबले में भी कड़ी टक्कर देंगे। युकी भांबरी के लिए यह जीत इसलिए भी खास है, क्योंकि उनका सिंगल्स का करियर चोटों से बुरी तरह प्रभावित रहा है।
33 वर्षीय भांबरी अपने एकल करियर में कभी किसी ग्रैंड स्लैम के मुख्य ड्रॉ में पहले दौर से आगे नहीं बढ़ पाए थे, लेकिन डबल्स में उन्होंने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है और पहली बार ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया है। इसके अलावा वे फ्रेंच ओपन और विंबलडन में तीसरे दौर तक पहुंच चुके हैं।
एक बातचीत के दौरान युकी भांबरी ने यूएस ओपन में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर अपने विचार साझा करते हुए कहा, “मुझे कई साथी भारतीयों के साथ इस मंच को साझा करने का सौभाग्य मिला है, और हमारे देश में अमृतराज (विजय अमृतराज), कृष्णन (रमेश कृष्णन), लिएंडर (लिएंडर पेस), महेश (महेश भूपति) और रोहन (रोहन बोपन्ना) जैसे दिग्गजों के साथ एक समृद्ध टेनिस विरासत है।
अंततः, सबसे बड़ा दबाव अक्सर भीतर से आता है, क्योंकि मैं जब भी कोर्ट पर कदम रखता हूं, हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का प्रयास करता हूं। भारत का प्रतिनिधित्व करना मेरे लिए सम्मान की बात है, और मैं वास्तव में हर पल को संजोता हूं, खासकर यहां, यूएस ओपन में।
मुझे अगले दौर में आगे बढ़ने की खुशी है, और मैं आगे बढ़ते रहने और यह देखने के लिए उत्सुक हूं कि हम कितना आगे जा सकते हैं।”
प्रतिभाशाली माया राजेश्वरन रेवती जूनियर वर्ग के दूसरे दौर में ब्रिटेन की दूसरी वरीयता प्राप्त हन्नाह क्लगमैन से 6-7, 6-4, 3-6 से हारकर बाहर हो गईं।
वह युगल वर्ग में भी अपनी जोड़ीदार लाइमा सिनाली के साथ चौथी वरीयता प्राप्त लूना व्लाडसन और जेलाइन वेंड्रोम के हाथों 2-6, 2-6 से हारकर बाहर हो गई। हितेश चौहान और कृष त्यागी भी लड़कों के युगल वर्ग के दूसरे दौर में हार गए।
राउंडग्लास टेनिस अकादमी के तकनीकी निदेशक आदित्य सचदेवा ने युकी के प्रदर्शन पर ख़ुशी जताते हुए कहा, “यह जीत पिछले कुछ महीनों से युकी की कड़ी मेहनत, अनुशासन और कभी हार न मानने वाले जज़्बे का नतीजा है। हमने न सिर्फ उनके शारीरिक खेल पर, बल्कि उनकी सामरिक समझ और मानसिक मजबूती पर भी खासा ध्यान दिया है।
अपने करियर के इस मुकाम पर इस तरह का शानदार प्रदर्शन उनकी सीखने की ललक और और ऊँचाइयाँ हासिल करने की चाहत को दिखाता है। हमें भरोसा है कि आने वाले समय में भी वे इसी तरह के अच्छे प्रदर्शन से खेलते रहेंगे।”
युकी को स्विट्जरलैंड के खिलाफ होने वाले डेविस कप वर्ल्ड ग्रुप I के पहले दौर के मुकाबले के लिए भारतीय टीम में भी शामिल किया गया है। यह मुकाबला 12 सितंबर से स्विट्जरलैंड के बिएल शहर में खेला जाएगा।
युकी इससे पहले नई दिल्ली में टोगो के खिलाफ होने वाले मुकाबले में शामिल नहीं हो सके थे। राउंडग्लास टेनिस अकादमी के एक अन्य खिलाड़ी करण सिंह का नाम भी इस टीम में शामिल किया गया है।