‘द ओवल’ का यादगार दिन : प्रसिद्ध कृष्णा ने बताया कैसे किया दबाव का सामना
भारतीय टीम ने इंग्लैंड में खेली गई पांच टेस्ट मैचों की एंडरसन-तेंदुलकर ट्रॉफी को 2-2 से ड्रॉ कराते हुए एक यादगार उपलब्धि हासिल की।

युवा खिलाड़ियों से सजी इस टीम की कमान शुभमन गिल ने संभाली थी, और तेज गेंदबाज प्रसिद्ध कृष्णा ने इस सीरीज में अहम भूमिका निभाई।
29 वर्षीय प्रसिद्ध कृष्णा ने कहा कि यह सीरीज उनके करियर के सबसे यादगार अनुभवों में से एक रही। विशेष रूप से ‘द ओवल’ में खेले गए निर्णायक पांचवें टेस्ट में उनके प्रदर्शन को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
इस मैच में उन्होंने 8 विकेट लेकर भारत की जीत में अहम योगदान दिया था। एक बातचीत के दौरान प्रसिद्ध ने कहा, “यह दौरा शारीरिक रूप से काफी थकाने वाला था। सीरीज के बाद मैंने 10 दिन का ब्रेक लिया, लेकिन उसके दौरान भी शरीर में दर्द महसूस हो रहा था।”
ओवल टेस्ट के अंतिम दिन को याद करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने पहले ही तय कर लिया था कि पहली गेंद बाउंसर होगी। हालांकि वह गेंद चौके के लिए चली गई, लेकिन उससे मुझे पिच के व्यवहार को समझने में मदद मिली। दूसरी गेंद बैट के अंदरूनी किनारे से लगी।
पहले दो गेंदों पर आठ रन चले गए थे, फिर भी मैं शांत था क्योंकि मुझे पता था कि मुझे कहां और किस लेंथ पर गेंदबाजी करनी है। गेंद को अपना काम करने देना था।” प्रसिद्ध ने साथी गेंदबाज मोहम्मद सिराज की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने दूसरे छोर से दबाव बनाया। उन्होंने बताया, “शुरुआती ओवरों में सिराज की गेंद मुझसे ज्यादा स्विंग हो रही थी।
जेमी स्मिथ का विकेट टर्निंग पॉइंट था। उसके आउट होते ही मैच का रुख बदल गया। उसके बाद विकेट गिरना बस समय की बात थी।” मैच के आखिरी पल को याद करते हुए प्रसिद्ध बोले, “जब आखिरी विकेट गिरा, तो जो खुशी हुई, उसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता।
हमने जमकर जश्न मनाया। वो माहौल बेहद खास, ऊर्जावान और भावनाओं से भरा हुआ था। जब मैं अब वह मैच टीवी पर देखता हूं, तो वैसा महसूस नहीं होता जैसा मैदान पर था। वो पल हमेशा मेरे साथ रहेगा।” प्रसिद्ध कृष्णा ने इस पांच मैचों की सीरीज में कुल 3 मैच खेले और 14 विकेट चटकाए। उनकी गेंदबाजी भारत की इस ऐतिहासिक ड्रॉ का बड़ा कारण बनी।