संन्यास के बाद छलका दर्द : मिश्रा बोले- मेहनत की, फिर भी कई बार निराश होना पड़ा
सीनियर भारतीय लेग स्पिनर अमित मिश्रा ने गुरुवार को हर तरह के क्रिकेट से संन्यास ले लिया। उन्होंने इशारों-इशारों में टीम चयन में पक्षपात का आरोप लगाया है।

42 वर्षीय अमित मिश्रा ने भारत के लिए 2017 में अपना आखिरी मैच खेला था। वह टी20 मुकाबला था जो बेंगलुरु में इंग्लैंड के खिलाफ खेला गया था। उन्होंने भारत के लिए सभी फॉर्मेट को मिलाकर कुल 68 मैच खेले जिनमें उनके नाम 156 अंतरराष्ट्रीय विकेट दर्ज हैं।
संन्यास के ऐलान के बाद एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में मिश्रा ने दावा किया कि कुछ खिलाड़ी कप्तान के पसंदीदा थे। हालांकि उन्होंने खुद को लेकर दावा किया कि जब भी उन्हें मौका दिया गया तो उनका फोकस हमेशा खुद को साबित करने पर रहा। उन्होंने कहा, ‘यह बहुत निराश करने वाली चीज थी।
कभी-कभी आप टीम में होते हो, कभी नहीं। कभी आपको प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है, कभी नहीं। असल में यह निराश करने वाला है। इसमें कोई शक नहीं कि मैं कई बार निराश हुआ। कुछ खिलाड़ी कप्तान के पसंदीदा हैं। लेकिन वह बहुत ज्यादा मायने नहीं रखता।
आपको जब भी मौका मिले तो खुद को बस साबित करना होता है।’ उन्होंने कहा, ‘जब भी मैं निराश होता था तो मैं सोचता था कि मुझे क्या सुधार करना होगा। मैंने फिटनेस, बैटिंग या बोलिंग को बेहतर बनाने पर हमेशा फोकस किया। जब भी मुझे भारतीय टीम के लिए खेलने का मौका मिला, मैंने अच्छा प्रदर्शन किया और मैं इसे लेकर बहुत खुश हूं।
मैं कभी कड़ी मेहनत से पीछे नहीं हटा।’ अमित मिश्रा के अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो उनके नाम 22 टेस्ट में 76 विकेट दर्ज हैं। उन्होंने टेस्ट बल्ले से भी अहम योगदान दिया और उनके नाम 4 अर्धशतक भी हैं।
मिश्रा ने 22 टेस्ट की 32 पारियों में 21.6 की औसत से 648 रन बनाए। वनडे इंटरनेशनल में उनके नाम 36 मैच में 64 विकेट हैं। मिश्रा ने अपने करियर में 10 टी20 इंटरनेशनल मैच भी खेले जिनमें उनके नाम 16 विकेट दर्ज हैं।