Trending

खेल में उत्कृष्ट योगदान के लिए हॉकी इंडिया द्वारा वंदना कटारिया और ललित उपाध्याय का सम्मान

हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व स्टार फॉरवर्ड वंदना कटारिया और पुरुष टीम के पूर्व फॉरवर्ड ललित कुमार उपाध्याय को खेल में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया।

@TheHockeyIndia

दोनों खिलाड़ियों ने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय हॉकी से संन्यास का ऐलान किया था। राजगीर, बिहार में पुरुष एशिया कप 2025 के दौरान इस सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। हॉकी इंडिया ने वंदना और ललित को राष्ट्रीय टीमों के लिए उनकी सेवा और समर्पण के प्रतीकस्वरूप 5-5 लाख रुपये के चेक भेंट किए।

अप्रैल में संन्यास लेने वाली वंदना ने 15 वर्षों तक भारतीय हॉकी का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपने करियर में 320 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले और 158 गोल किए, जो उन्हें भारतीय महिला हॉकी इतिहास में सबसे अधिक मैच खेलने वाली खिलाड़ी बनाता है।

2009 में सीनियर टीम में पदार्पण करने वाली वंदना भारत की सबसे लोकप्रिय और प्रेरणादायक हॉकी खिलाड़ियों में से एक रही हैं। टोक्यो ओलंपिक 2020 में भारत की ऐतिहासिक चौथी रैंकिंग उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में है। इस टूर्नामेंट में वह ओलंपिक में हैट्रिक गोल करने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनीं।

सम्मान समारोह वंदना ने कहा: “भारत की जर्सी पहनना मेरे जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य रहा है। हॉकी ने मुझे पहचान, सम्मान और अनगिनत यादें दी हैं। इस सफर में मेरे साथ खड़े रहने वाले साथियों, कोचों, परिवार और समर्थकों की मैं तहे दिल से आभारी हूं।”

जून में संन्यास लेने वाले ललित ने 2014 में भारतीय टीम में पदार्पण किया था। 11 वर्षों में उन्होंने 183 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 67 गोल किए। वह टोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक में भारत की कांस्य पदक जीत का अहम हिस्सा रहे और अपनी पीढ़ी के सबसे भरोसेमंद फॉरवर्ड खिलाड़ियों में गिने जाते हैं।

सम्मान समारोह में ललित ने कहा: “वाराणसी के एक छोटे से गांव से निकलकर ओलंपिक पोडियम तक पहुंचना मेरे लिए एक सपना था। यह सफर संघर्षों, सीख और उपलब्धियों से भरा रहा। मैं अपने परिवार, कोचों और साथियों के समर्थन के लिए सदा आभारी रहूंगा। हॉकी इंडिया का यह सम्मान मेरे लिए गर्व की बात है।”

हॉकी इंडिया अध्यक्ष डॉ. दिलीप टिर्की ने दोनों खिलाड़ियों की प्रशंसा करते हुए कहा: “वंदना और ललित दोनों ही भारतीय हॉकी के प्रेरणास्रोत रहे हैं। वंदना की साहसी खेल शैली और ललित की स्थिरता ने देश को कई यादगार लम्हे दिए। हॉकी इंडिया उनकी उपलब्धियों को सलाम करता है।”

महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा: “दोनों खिलाड़ी भारतीय हॉकी की आत्मा, संघर्ष और उत्कृष्टता के प्रतीक हैं। उनके योगदान ने देश को गौरवान्वित किया है और अगली पीढ़ी को इस खेल से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई है।”

वंदना कटारिया और ललित उपाध्याय का संन्यास भारतीय हॉकी के लिए एक युग का अंत है, लेकिन उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा। हॉकी इंडिया का यह सम्मान न केवल उनके सफर की सराहना है, बल्कि उनके प्रभाव को स्वीकार करने का एक सार्थक प्रयास भी है।