बीसीसीआई का बैंक बैलेंस 20,686 करोड़ रुपये तक पहुंचा
बीसीसीआई की आमदनी में पिछले पांच सालों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 से अब तक बोर्ड की आमदनी में 14,627 करोड़ रुपये का इज़ाफ़ा हुआ है।

इनमें से अकेले पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में ही 4,193 करोड़ रुपये आए। इसके साथ ही बीसीसीआई का ‘‘बैंक बैलेंस’’ बढ़कर 20,686 करोड़ रुपये हो गया है। एक रिपोर्ट बताती है कि राज्य इकाइयों को बकाया राशि का भुगतान करने के बाद भी सामान्य कोष दोगुना हो गया।
2019 में यह कोष 3,906 करोड़ रुपये था, जो 2024 में बढ़कर 7,988 करोड़ रुपये हो गया। 2024 की वार्षिक आम बैठक में पेश किए गए लेखा-जोखा में मानद सचिव ने बताया कि 2019 में बीसीसीआई की नकद और बैंक जमा राशि 6,059 करोड़ रुपये थी (राज्य संघों को भुगतान से पहले)। अब यह बढ़कर 20,686 करोड़ रुपये हो गई है (भुगतान के बाद)।
2019 से अब तक सामान्य कोष में भारी इज़ाफ़ा
रिपोर्ट के अनुसार, सभी राज्य इकाइयों को बकाया भुगतान करने के बाद भी बीसीसीआई के सामान्य कोष में भारी इज़ाफ़ा हुआ है।
• 2019 में यह कोष ₹3,906 करोड़ था
• जो 2024 में दोगुना होकर ₹7,988 करोड़ तक पहुंच गया।
• ये वित्तीय आंकड़े हाल ही में राज्य क्रिकेट संघों के साथ साझा किए गए।
2024 की वार्षिक आम बैठक में पेश लेखा-जोखा के अनुसार, मानद सचिव ने सदस्यों को बताया कि: 2019 में बीसीसीआई की नकद और बैंक में जमा राशि ₹6,059 करोड़ थी (राज्य संघों को भुगतान से पहले)। 2024 तक यह बढ़कर ₹20,686 करोड़ हो गई (राज्य संघों को भुगतान के बाद)।
बुनियादी ढांचे और विकास पर खर्च
• 2023-24 के लिए बीसीसीआई ने:·
• ₹1,200 करोड़ बुनियादी ढांचे के विकास पर,
• ₹350 करोड़ प्लैटिनम जुबली बेनेवोलेंट फंड पर,
• और ₹500 करोड़ क्रिकेट विकास पर आवंटित किए।
• रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में राज्य संघों को ₹1,990.18 करोड़ मिले, जबकि चालू वर्ष के लिए यह अनुमान ₹2,013.97 करोड़ लगाया गया है।
ये वित्तीय आंकड़े और प्रस्ताव 28 सितंबर को होने वाली बीसीसीआई की वार्षिक आम बैठक में औपचारिक रूप से पेश होंगे।