भारतीय तीरंदाजों की चुनौती समाप्त, कोई भी नहीं पहुंचा पदक दौर में
भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाजों का विश्व चैंपियनशिप में निराशाजनक अभियान बुधवार को भी जारी रहा। भारत के सभी तीरंदाज व्यक्तिगत स्पर्धा में पदक दौर तक नहीं पहुंच सके।

राहुल ने तीनों भारतीय तीरंदाजों में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने तीसरे राउंड (अंतिम-32) तक का सफर तय किया, शूट-ऑफ में जॉर्जिया के एलेक्जेंडर माचावरियानी से 5-6 (8-10) से हार गए। राहुल ने मुकाबले की अच्छी शुरुआत की और 5-3 की बढ़त बना ली थी, लेकिन अंतिम दो सेटों में वह लय कायम नहीं रख सके।
इससे एक बार फिर दबाव की स्थिति में भारतीय तीरंदाजों की मानसिक कमजोरी सामने आई। पहला सेट 28-28 से बराबर रहा। इसके बाद राहुल ने दूसरा सेट 30-30 से ड्रॉ किया और तीसरे सेट में 28-27 से जीत हासिल कर 5-1 की बढ़त बना ली थी।
चौथे सेट में उन्हें केवल ड्रॉ की जरूरत थी, लेकिन कमजोर प्रदर्शन के कारण उनका प्रतिद्वंद्वी वापसी करने में सफल रहा। जॉर्जियाई खिलाड़ी ने पांचवां सेट 28-27 से जीतकर मुकाबला शूट-ऑफ तक पहुंचाया, जहां राहुल ने केवल आठ अंक बनाए, जबकि माचावरियानी ने परफेक्ट 10 स्कोर किया।
भारत के अनुभवी और ओलंपियन तीरंदाज धीरज बोम्मादेवरा को पहले ही दौर में कठिन ड्रॉ मिला। उनका सामना पूर्व ओलंपिक चैंपियन मेटे गाजोज़ से हुआ। धीरज ने पहला सेट 29-29 से बराबर किया, लेकिन अंततः उन्हें 2-6 से हार मिली।
दूसरे सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन गाजोज के दो परफेक्ट 10 ने उन्हें 29-28 की बढ़त दिला दी।
तीसरे सेट में भी तुर्किये के खिलाड़ी ने 29-28 से जीत दर्ज की और स्कोर 5-2 कर लिया। धीरज ने चौथा सेट 29-29 से बराबर किया, लेकिन यह जीत हासिल करने के लिए पर्याप्त नहीं रहा।
तीसरे भारतीय तीरंदाज नीरज चौहान भी पहले दौर में ही बाहर हो गए। उन्हें उज्बेकिस्तान के बोबराजाबोव बेकजोद के खिलाफ सीधे सेटों में 27-29, 27-28, 26-29 से हार मिली। इस तरह भारत के सभी पुरुष रिकर्व तीरंदाज व्यक्तिगत वर्ग में पदक की दौड़ से बाहर हो गए।