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पाटीदार-राठौड़ की शतकीय पारियों से मध्य क्षेत्र को मजबूत बढ़त

दलीप ट्रॉफी फाइनल के दूसरे दिन कप्तान रजत पाटीदार (101 रन) और यश राठौड़ (नाबाद 137 रन) के शतकों ने मध्य क्षेत्र को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।

Credits : Social Media

दोनों बल्लेबाजों ने दक्षिण क्षेत्र की सीमित स्पिन गेंदबाजी का पूरा फायदा उठाते हुए शुक्रवार को टीम का स्कोर 384/5 तक पहुंचाया। इस तरह अब मध्य क्षेत्र को 235 रन की अहम बढ़त मिल चुकी है। गुरुवार को दक्षिण क्षेत्र की पूरी टीम सिर्फ 149 रन पर ढेर हो गई थी, जिससे मध्य क्षेत्र को पहली पारी में बड़ा मौका मिला।

शुक्रवार को जब खेल शुरू हुआ, तब टीम ने 50/0 से आगे खेलना शुरू किया। हालांकि पहले सत्र में मध्य क्षेत्र ने 93 रन पर तीन विकेट गंवा दिए थे, जिससे टीम दबाव में आ गई थी।

दानिश मालेवार (53), अक्षय वाडकर (22) और शुभम शर्मा (6) सस्ते में पवेलियन लौटे। तेज गेंदबाज गुरजपनीत सिंह (3/74) ने मालेवार और शुभम को आउट कर दक्षिण क्षेत्र को शुरुआती सफलता दिलाई, जबकि वासुकी कौशिक ने वाडकर का विकेट लिया। कप्तान पाटीदार और राठौड़ ने मोर्चा संभाला।

दोनों ने चौथे विकेट के लिए 167 रन की अहम साझेदारी कर टीम को संकट से बाहर निकाला। पाटीदार ने 115 गेंदों में अपना 15वां प्रथम श्रेणी शतक पूरा किया, जबकि राठौड़ ने 132 गेंदों में सातवां शतक जड़ा।

लंच के बाद दोनों ने 124 रन जोड़ते हुए स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया। पाटीदार ने पहले 73 गेंदों में अर्धशतक और फिर अगला पचासा सिर्फ 39 गेंदों में पूरा किया। दूसरे छोर पर राठौड़ ने संयम दिखाते हुए लय में चल रहे पाटीदार को अधिक स्ट्राइक दी। उन्होंने 84 गेंदों में अर्धशतक और 132 गेंदों में शतक पूरा किया।

अच्छी बल्लेबाजी कर रहे पाटीदार ने गुरजपनीत सिंह की गेंद पर पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद सीधे विकेटकीपर और दक्षिण क्षेत्र के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के हाथों में चली गई।

पाटीदार के आउट होने के बाद राठौड़ को सारांश जैन (47 नाबाद) का अच्छा साथ मिला। दोनों ने छठे विकेट के लिए 118 रन की नाबाद साझेदारी कर मध्य क्षेत्र की बढ़त को और मजबूत किया।

दक्षिण क्षेत्र के पास अनुभवी स्पिन विकल्पों की कमी दिखी। रिकी भुई जैसे कामचलाऊ लेग स्पिनरों को ओवर डालने पड़े, जबकि दूसरी ओर मध्य क्षेत्र के सारांश जैन और कुमार कार्तिकेय ने पहली पारी में मिलकर 9 विकेट झटके थे।

राठौड़ और पाटीदार की साहसिक पारियों की बदौलत अब मध्य क्षेत्र दलीप ट्रॉफी खिताब के बेहद करीब पहुंच गया है। यदि दक्षिण क्षेत्र के गेंदबाजों ने जल्द विकेट नहीं निकाले, तो मुकाबला पूरी तरह से मध्य क्षेत्र के पक्ष में चला जाएगा।