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चेन्नई सुपर किंग्स से बाहर, लेकिन मैदान पर फिर से गरज रहे हैं गुरजपनीत

चेतेश्वर पुजारा को शून्य पर आउट करने से लेकर नेट्स में विराट कोहली को गेंदबाजी करने तक, गुरजपनीत सिंह पिछले साल बड़े स्तर की क्रिकेट के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रहे थे।

साभार : गूगल

एक ग्रोइन इंजरी ने इस बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ के करियर को अचानक ब्रेक लगा दिया। इस चोट के चलते उन्हें आईपीएल 2025 से भी बाहर होना पड़ा, जहां वे चेन्नई सुपर किंग्स में थे। उनकी जगह फ्रेंचाइज़ी ने डेवाल्ड ब्रेविस को टीम में शामिल किया। अब गुरजपनीत धीरे-धीरे फिर से लय में लौटते दिख रहे हैं।

मौजूदा दलीप ट्रॉफी में दक्षिण क्षेत्र की ओर से खेलते हुए उन्होंने दो पारियों में कुल आठ विकेट लेकर सभी का ध्यान खींचा है। तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद उन्होंने कहा, “मैं बस हर दिन अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं। लक्ष्य होता है कि कम से कम 20 ओवर फेंकूं।

थकान हो या न हो, हर गेंद पर 100% देना मेरी जिम्मेदारी है। साथ ही अपने वर्कलोड को भी समझदारी से मैनेज करना पड़ता है।” उनकी रणनीति खासतौर पर रजत पाटीदार के खिलाफ दिखाई दी। पाटीदार आक्रामक मूड में थे और उन्होंने 115 गेंदों में 101 रन बनाए, लेकिन गुरजपनीत को उनकी बल्लेबाज़ी में अधीरता नजर आई।

गुरजपनीत ने कहा, “मैंने देखा कि वो हर गेंद खेलने की कोशिश कर रहे थे, ज्यादा गेंदें छोड़ नहीं रहे थे। उनकी तुलना में यश (राठौड़) ज्यादा संयमी था। मैंने सोचा कि पाटीदार को बाउंसर से दबाव में ला सकते हैं।” “मैं जानता था कि बाउंड्री लगेंगी, लेकिन वो शॉट खेलेगा तो चूक भी सकता है।

मैंने 2-3 ओवर तक बाउंसर फेंके और डीप स्क्वायर लेग व फाइन लेग पर फील्डिंग सजाई। जब कप्तान (मोहम्मद अजहरुद्दीन) स्पिनर लाना चाहते थे, मैंने एक और ओवर मांगा और उसी ओवर की पहली गेंद पर उन्हें आउट कर दिया।”

तमिलनाडु के इस तेज़ गेंदबाज़ को 2022 से लगातार चोटों ने परेशान किया है। सबसे पहले टीएनपीएल के दौरान पीठ के निचले हिस्से में खिंचाव हुआ। “चोट के बाद वापसी करना सबसे कठिन होता है,” उन्होंने कहा। “क्योंकि आपकी ताकत कम हो जाती है, शरीर वैसा नहीं रहता जैसा पहले था।

दोबारा उसी लय में आना आसान नहीं होता।” टीएनपीएल 2023 में उन्होंने वापसी की और अच्छा प्रदर्शन किया, लेकिन 2024 की शुरुआत उनके करियर के लिए और भी बड़ी थी – सौराष्ट्र के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच में पुजारा को शून्य पर आउट करते हुए उन्होंने 22 रन देकर छह विकेट लिए।

इसके बाद उन्हें बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट सीरीज़ से पहले टीम इंडिया के नेट्स में गेंदबाज़ी का मौका मिला, जहां उन्होंने विराट कोहली को गेंदबाज़ी की और कोहली से काफ़ी अहम टिप्स भी हासिल कीं। लेकिन जब सब सही लग रहा था, तभी सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्हें ग्रोइन में खिंचाव महसूस हुआ।

इसके चलते उन्हें आईपीएल से हटना पड़ा। “सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के दौरान जकड़न महसूस हुई। फिर दो-तीन महीने का रिहैब शुरू किया।

आईपीएल के वक्त भी दौड़ने में परेशानी थी,” उन्होंने बताया। मौजूदा दलीप ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि वो दोबारा फिट हो रहे हैं और आगामी रणजी ट्रॉफी सीज़न (15 अक्टूबर से शुरू) के लिए तैयार हैं।

“अब मुझे लगता है कि मैं बेहतर हो रहा हूं और हर दिन सुधार कर रहा हूं। उम्मीद है, ये आने वाला सीजन मेरे लिए शानदार रहेगा,” गुरजपनीत ने आत्मविश्वास के साथ कहा।