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टीम इंडिया को मिला नया जर्सी स्पॉन्सर, अपोलो टायर्स बना नया पार्टनर

भारतीय टीम के नए जर्सी स्पॉन्सर को लेकर जारी सस्पेंस अब खत्म हो गया है। अपोलो टायर्स को अब आधिकारिक तौर पर टीम इंडिया का नया जर्सी स्पॉन्सर घोषित कर दिया गया है।

यह ऐलान ऐसे समय पर हुआ है जब बीसीसीआई ने ड्रीम 11 के साथ अपनी स्पॉन्सरशिप डील समाप्त कर दी थी। इसके पीछे की बड़ी वजह थी सरकार द्वारा ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन एवं विनियमन विधेयक 2025 लागू करना, जिसके तहत रियल-मनी गेमिंग ऐप्स पर बैन लगाया गया। इसी कारण ड्रीम 11 को स्पॉन्सरशिप से हाथ पीछे खींचना पड़ा।

बीसीसीआई द्वारा निकाले गए जर्सी स्पॉन्सरशिप टेंडर में अपोलो टायर्स ने सबसे ऊंची बोली लगाई। कंपनी हर मैच के लिए 4.5 करोड़ का भुगतान करेगी, जो कि ड्रीम 11 के 4 करोड़ रुपये से ज्यादा है। यह करार 2027 तक प्रभावी रहेगा। अब टीम इंडिया की जर्सी पर अपोलो टायर्स का का लोगो दिखाई देगा।

इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे न केवल भारतीय टीम को एक मजबूत ब्रांड सपोर्ट मिलेगा, बल्कि अपोलो टायर्स की ब्रांड वैल्यू भी नई ऊंचाइयों पर पहुंचेगी। ड्रीम 11 ने जुलाई 2023 में बीसीसीआई के साथ 358 करोड़ रुपये की डील साइन की थी। इसके तहत उसे भारतीय पुरुष, महिला, अंडर-19 और इंडिया-ए टीम की किट स्पॉन्सरशिप के अधिकार मिले थे।

उस समय ड्रीम 11 ने बायजूस की जगह ली थी। ड्रीम 11 का क्रिकेट के साथ गहरा नाता रहा है। यह आईपीएल का प्रमुख प्रायोजक रह चुका है और एमएस धोनी, रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह को अपना ब्रांड एंबेसडर बना चुका है। इसके अलावा यह आईसीसी, सीपीएल, बिग बैश लीग और सुपर स्मैश से भी जुड़ा रहा है।

बीसीसीआई ने 2 सितंबर को जर्सी स्पॉन्सर के लिए Expression of Interest (EOI) जारी किया था। इसमें स्पष्ट कर दिया गया था कि गेमिंग, सट्टेबाजी, क्रिप्टोकरेंसी और तंबाकू से जुड़ी कंपनियां बोली नहीं लगा सकतीं।

साथ ही, कपड़ा, बैंकिंग-फाइनेंस, कोल्ड ड्रिंक, बीमा और घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनियों को भी प्रक्रिया से बाहर रखा गया, क्योंकि ये पहले से ही बीसीसीआई के अन्य स्पॉन्सरशिप सौदों में हैं।

सरकार के नए बिल के लागू होने के बाद ड्रीम 11 को हटाने के चलते एशिया कप 2025 में भारतीय पुरुष और महिला क्रिकेट टीम बिना किसी जर्सी स्पॉन्सर के मैदान में उतरी थी।

अब अपोलो टायर्स के आने से यह खाली जगह भर गई है। अपोलो टायर्स के साथ यह नई शुरुआत न सिर्फ भारतीय टीम के लिए एक मजबूत कमर्शियल सहयोग है, बल्कि ब्रांडिंग के लिहाज से भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।