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पुणे एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच बनी अड़चन, युवा निशानेबाजों की उड़ान छूटी

पुणे से गोवा जा रही छह राइफल और पिस्टल निशानेबाजों की टीम एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के दौरान हथियारों और कारतूस की स्वीकृति में हुई कथित देरी की वजह से अपनी फ्लाइट से चूक गई।

साभार : गूगल

ये सभी खिलाड़ी 18 वर्ष से कम आयु के हैं और बुधवार सुबह शुरू हो रही 12वीं पश्चिम क्षेत्र निशानेबाजी चैंपियनशिप में खेलने के लिए मंगलवार को अकासा एयर की फ्लाइट से यात्रा करने वाले थे।

घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अकासा एयर ने कहा कि खिलाड़ी “विशेष निशानेबाजी उपकरणों से जुड़ी अतिरिक्त सुरक्षा प्रक्रियाओं” के चलते समय पर विमान में सवार नहीं हो सके। एयरलाइन ने यह भी बताया कि वह खिलाड़ियों को सहायता प्रदान कर रही है और उनकी वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था की जा रही है।

ये सभी खिलाड़ी ओलंपियन गगन नारंग की निशानेबाजी अकादमी ‘गन फॉर ग्लोरी’ से जुड़े हैं। एक खिलाड़ी के पिता अतुल क्षीरसागर ने एक समाचार एजेंसी को बताया कि उड़ान शाम 5:30 बजे थी और सभी सात निशानेबाज अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ दोपहर 2:30 से 3:30 बजे के बीच पुणे एयरपोर्ट पहुंच गए थे।

उन्होंने आरोप लगाया, “हवाई अड्डे के कर्मचारियों ने हथियारों और कारतूस की स्वीकृति प्रक्रिया में इतनी देर कर दी कि शाम 5 बजे तक यह तय नहीं हो पाया कि निशानेबाज गोला-बारूद लेकर यात्रा कर सकते हैं या नहीं। जबकि नियमों के अनुसार, कोई भी निशानेबाज बंदूक और कारतूस को एक साथ नहीं रखता।

दोनों को अलग-अलग पैक किया जाता है और एयरलाइन सुरक्षा जांच के बाद किट को अपने पास रखती है, जिसके बदले में गंतव्य पर रसीद दिखाकर किट वापस ली जाती है।” उन्होंने यह भी बताया कि एक महिला निशानेबाज बिना अपने किट के विमान में सवार हो गई, लेकिन बाकी छह खिलाड़ियों को रोक दिया गया, और विमान उनके बिना रवाना हो गया।

गन फॉर ग्लोरी अकादमी ने ‘एक्स’ पर इस घटना पर नाराज़गी जताते हुए लिखा, “अकासा एयर की सेवा बेहद निराशाजनक रही। हमारे खिलाड़ी सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ समय से काफी पहले हवाई अड्डे पहुंचे थे, फिर भी एयरलाइन कर्मचारियों ने प्रक्रिया में देरी की, कोई सहयोग नहीं किया और अंततः खिलाड़ियों, कोच और अभिभावकों को फ्लाइट में चढ़ने से रोक दिया।”

https://twitter.com/AkasaAir/status/1967968879340376426

अकादमी ने यह भी आरोप लगाया कि एक खिलाड़ी की राइफल, जो उचित रूप से चेक-इन की गई थी, उसे अकासा के कर्मचारियों ने पुणे एयरपोर्ट पर रोक लिया।

इस पर अकासा एयर ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा, “16 सितंबर को पुणे से गोवा जाने वाली फ्लाइट QP1143 में विशेष निशानेबाजी उपकरणों से लैस खिलाड़ियों की टीम लंबी सुरक्षा प्रक्रिया के कारण समय पर बोर्डिंग नहीं कर पाई।”

एयरलाइन ने आगे कहा, “हम अपनी ओर से हर आवश्यक सहायता दे रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी खिलाड़ी प्रतियोगिता स्थल तक वैकल्पिक माध्यमों से पहुंच सकें।

हमें हुई असुविधा के लिए खेद है। अकासा एयर अपने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और हमारी कोशिश है कि सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए यात्रियों को सहज और विश्वसनीय यात्रा अनुभव प्रदान किया जाए।”