थंगराजा का तूफानी खेल, चेन्नई ओपन में शीर्ष पर पहुंचे
श्रीलंका के एन. थंगराजा ने गुरुवार को चेन्नई ओपन 2025 गोल्फ टूर्नामेंट के तीसरे राउंड में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए टूर्नामेंट के अब तक के सबसे कम स्कोर – नौ अंडर 63 – की बराबरी की और लीडरबोर्ड में शीर्ष स्थान पर पहुंच गए। यह राउंड ‘मूविंग डे’ के रूप में भी जाना जाता है, जहां खिलाड़ी निर्णायक बढ़त बनाने की कोशिश करते हैं।

थंगराजा (69-66-63) पहले हाफ तक संयुक्त चौथे स्थान पर थे, लेकिन तीसरे दिन दमदार शुरुआत करते हुए वे तीन पायदान ऊपर चढ़े और कुल 18-अंडर 198 के स्कोर के साथ एक शॉट की बढ़त हासिल कर ली।
पांच बार के पीजीटीआई विजेता थंगराजा, जिन्होंने इसी साल एक खिताब अपने नाम किया था, अब गुरुग्राम के मनु गंडास के खिलाफ फिर से मुकाबले में हैं।
तीन साल पहले इसी टूर्नामेंट में गंडास ने थंगराजा को अंतिम दिन हराकर खिताब जीता था। उस समय भी प्रतियोगिता कॉस्मो टीएनजीएफ गोल्फ कोर्स में ही आयोजित हुई थी।
गंडास (66-68-65) ने इस बार त्रुटिरहित खेल दिखाते हुए सात बर्डी लगाईं और एक स्थान ऊपर चढ़कर 17-अंडर 199 के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर आ गए।
वहीं, दिल्ली के शौर्य भट्टाचार्य (67-65-69) तीसरे राउंड में 69 का स्कोर करते हुए एक पायदान नीचे खिसककर तीसरे स्थान (15-अंडर 201) पर पहुंच गए। पहले हाफ में एक शॉट की बढ़त के साथ आगे चल रहे चंडीगढ़ के अक्षय शर्मा ने 71 का स्कोर बनाया और 14-अंडर 202 के स्कोर के साथ संयुक्त चौथे स्थान पर खिसक गए।
उनके साथ हनी बैसोया (66) भी इसी स्कोर पर हैं। इससे पहले, अधूरा दूसरा राउंड समाप्त हुआ, जिसमें कट 145 (एक ओवर) पर लगा और 57 पेशेवर खिलाड़ियों ने कट हासिल किया। इसके बाद तीसरे राउंड की शुरुआत सुबह 9:10 बजे से हुई। 44 वर्षीय कोलंबो निवासी थंगराजा के तीसरे राउंड में एक ईगल, आठ बर्डी और एक बोगी शामिल रहीं।
उन्होंने अपने आयरन और वेज शॉट्स का बेहतरीन इस्तेमाल किया, जिससे चार टैप-इन (एक ईगल व तीन बर्डी) का मौका मिला। उनका सबसे लंबा पुट पांचवें होल में 20 फुट की बर्डी के रूप में रहा। थंगराजा ने कहा, “आज मेरे अप्रोच और वेज शॉट्स शानदार थे।
पहले दो राउंड में पुटिंग में थोड़ी परेशानी हो रही थी, लेकिन आज यह बेहतर रहा। हालांकि बहुत लंबे पुट नहीं लगाए, पर शॉट्स सटीक थे।”
उन्होंने आगे कहा, “मैं इस कोर्स से अच्छी तरह परिचित हूं और यहां खुद को घर जैसा महसूस करता हूं। यह बहुत खास है कि तीन साल बाद एक बार फिर मनु के साथ लीड ग्रुप में मुकाबला करने का मौका मिल रहा है।
मैं इसे लेकर उत्साहित हूं, क्योंकि मेरा हालिया फॉर्म अच्छा रहा है – पिछले चार टूर्नामेंट्स में मैं टॉप-15 में रहा हूं।” वहीं, अपने नौवें पीजीटीआई खिताब और करीब डेढ़ साल में पहली जीत की तलाश में लगे मनु गंडास ने तीसरे दिन सात बर्डी लगाकर खुद को खिताबी दावेदार के रूप में मजबूती से पेश किया।