अश्विन का एंडी पाइक्रॉफ्ट के समर्थन में बड़ा बयान, कहा- ‘वह कोई स्कूल शिक्षक नहीं’
पूर्व भारतीय ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों का पाकिस्तान के खिलाड़ियों के साथ हाथ नहीं मिलाने के विवाद के बीच मैच रेफरी एंडी पाइक्रॉफ्ट का समर्थन करते हुए बोला कि जिम्बाब्वे का अधिकारी कोई ‘स्कूल शिक्षक’ नहीं है और वह केवल अनावश्यक तमाशे से बचने के लिए अपनी भूमिका को अच्छी तरह से निभा रहे थे।

पिछले रविवार को जब भारतीय प्लेयर्स ने नीतिगत फ़ैसले के तहत एशिया कप मैच के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया, तब पाइक्रॉफ्ट मैच रेफ़री थे। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने टॉस के समय पाकिस्तान के कप्तान सलमान अली आगा से हाथ नहीं मिलाया जिसके बाद पाइक्रॉफ्ट को इस विवाद में घसीटा गया था।
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद को दो ईमेल भेजे। उसने पहले पाइक्रॉफ्ट को टूर्नामेंट से हटाने का अनुरोध किया और फिर उन्हें अपने मैचों से बाहर करने की मांग की।
आईसीसी में हालांकि दोनों ही मांगों को खारिज कर दिया। अपने यूट्यूब चैनल ‘ऐश की बात’ पर अश्विन ने कहा, ‘‘एंडी पाइक्रॉफ्ट ने वास्तव में सबको घटिया तमाशा देखने से बचा दिया। भारत ने मैच रेफरी को पहले ही बताया था कि यह हमारा फैसला है और हम इसका पालन करेंगे। बस। इतना सारा तमाशा करने के बाद आप (पाकिस्तान) मैच हार गए।
तो फिर आप किस बात की शिकायत कर रहे हैं।’’ उन्होंने बोला, ‘‘वह कोई स्कूल शिक्षक नहीं है। वह कोई प्रिंसिपल नहीं है। वह जाकर सूर्या को यह नहीं कह सकते थे कि आओ हाथ मिलाओ। यह उनका काम नहीं है। आख़िर पाइक्रॉफ्ट की क्या गलती है।’’ आईसीसी ने पीसीबी के इस दावे को खारिज कर दिया कि पाइक्रॉफ्ट ने खेल भावना का उल्लंघन किया है।
आईसीसी ने स्पष्ट किया कि वह केवल वही कह रहे थे जो एशियाई क्रिकेट परिषद के आयोजन स्थल प्रबंधक ने कहा था। अश्विन ने कहा कि भारतीय खिलाड़ी बस अपने बोर्ड के निर्देशों का पालन कर रहे थे और पाइक्रॉफ्ट को जो सूचना दी गई थी वह अस्पष्ट नहीं थी।
उन्होंने पाकिस्तान की माफ़ी मांगने की मांग पर भी कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैं एंडी पाइक्रॉफ्ट होता, तो आप मुझसे माफ़ी मांगते। मैं किस बात के लिए माफ़ी मांगता।’’