सूर्या के बयान पर आईसीसी की सख्ती, पाक खिलाड़ियों को भी नोटिस
भारतीय टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव गुरुवार को दुबई में, 21 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ ग्रुप ए मैच के बाद अपने कथित राजनीतिक बयानों को लेकर अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के मैच रेफरी रिची रिचर्डसन के सामने पेश हुए।

रिपोर्ट के अनुसार, यादव के साथ बीसीसीआई के सीओओ हेमंग अमीन और क्रिकेट संचालन प्रबंधक सुमीत मल्लापुरकर भी समिति के समक्ष उपस्थित थे। यादव को उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस के वीडियो क्लिप दिखाई गईं, जिसमें उन्होंने अपने दिए गए बयानों को स्वीकार किया।
यह सुनवाई पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की उस शिकायत के बाद हुई, जिसमें उन्होंने एशिया कप के ग्रुप चरण में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत के बाद सूर्यकुमार यादव के राजनीतिक बयानों को लेकर आईसीसी से कार्रवाई मांगी थी।
भारत की जीत के तुरंत बाद पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन के दौरान यादव ने पहलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों और भारतीय सेना का उल्लेख किया था। उन्होंने टॉस के समय अपने पाकिस्तानी समकक्ष सलमान आगा से हाथ नहीं मिलाया, जबकि मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने भी पारंपरिक रूप से हाथ मिलाने से इनकार किया।
जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने खेल भावना का उल्लंघन किया है, तो यादव ने जवाब दिया, “खेल भावना से बढ़कर कुछ नहीं है। हम पहलगाम आतंकी हमले के सभी पीड़ितों के साथ खड़े हैं और इसे ऑपरेशन सिंदूर में हिस्सा लेने वाले सशस्त्र बलों को समर्पित करते हैं।”
रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीसी ने सूर्यकुमार यादव को बताया है कि अगर हर कोई राजनीतिक बयानबाजी करेगा, तो इसे संभालना मुश्किल हो जाएगा। दो पाकिस्तानी खिलाड़ियों साहिबजादा फरहान और हारिस रऊफ को भी आईसीसी के सामने पेश होने का निर्देश दिया गया है। दोनों शुक्रवार को समिति के समक्ष हाजिर होंगे।
उन्हें हाल ही में सुपर 4 चरण के मैच के दौरान अपने आपत्तिजनक और राजनीतिक हाव-भाव को लेकर भारत की शिकायत के बाद तलब किया गया है। फरहान और रऊफ गुरुवार को दुबई में बांग्लादेश के खिलाफ मैच खेल रहे थे, इसलिए वे सुनवाई में शामिल नहीं हो सके।
भारतीय पक्ष ने फरहान द्वारा बल्ले से बंदूक चलाने की नकल करने पर नाराजगी जताई है, जबकि रऊफ ने बार-बार उस विमान दुर्घटना की तरफ इशारा किया, जिसमें पाकिस्तान के झूठे दावों का जिक्र था कि उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय विमानों को मार गिराया था।