कोई मुकाबला ही नहीं बचा, हार्दिक सिंह ने पाकिस्तान हॉकी पर कसा तंज
क्रिकेट से लेकर हॉकी तक भारत और पाकिस्तान की प्रतिद्वंद्विता की काफी चर्चा होती है। भारत का पाकिस्तान के खिलाफ क्रिकेट और हॉकी में लंबे समय से दबदबा देखने को मिला है।

एशिया कप 2025 में पाकिस्तान को दो बार हारने के बाद भारतीय टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने चिर प्रतिद्वंदी टीम का मजाक उड़ाया था।
सूर्या के बाद भारतीय हॉकी टीम के स्टार मिडफील्डर हार्दिक सिंह ने पाकिस्तान का मजाक उड़ाया है। उन्होंने कहा कि क्रिकेट की ही तरह हॉकी में भी भारत और पाकिस्तान के बीच कोई मैच नहीं है। हार्दिक ने कहा, ”मुझे लगता है कि इस समय तो कोई मुकाबला नहीं है तो इस पर बात करना बेकार है। दोनों टीमों के बीच बहुत अंतर है ।”
उन्होंने कहा, ”मुझे लगता है कि उनके खिलाड़ी अच्छे हैं पर सुविधायें नहीं मिल रही है। उन्होंने आखिरी बार हमें 2014 में हराया था। उसके बाद से पाकिस्तान ने भारत को हॉकी में नहीं हराया है। पिछले बारह साल से हम उनसे हारे नहीं है।”
एक समय में हॉकी की दिग्गज मानी जाने वाली पाकिस्तानी टीम ने चार बार ओलंपिक गोल्ड जीता जबकि भारत आठ बार का ओलंपिक चैंपियन है। पिछले कुछ साल में भारत ने लगातार दो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतकर वापसी की है लेकिन पाकिस्तान में हॉकी पतन की राह पर है।
पाकिस्तान ने अगस्त सितंबर में बिहार के राजगीर में हुए एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लिया था। भारत ने वह टूर्नामेंट जीतकर अगले साल अगस्त में नीदरलैंड और बेल्जियम में होने वाले विश्व कप के लिए क्वालीफाई किया।
बताते चले कि भारतीय कप्तान सूर्यकुमार ने पाकिस्तान के खिलाफ मुकाबलों को जबर्दस्त प्रतिद्वंद्विता कहना बंद करने का आग्रह किया है। टी20 इंटरेशनल में दोनों टीमों का सामना 15 बार हुआ है और भारत ने 12 बार जीत दर्ज की है।
21 सितंबर को पाकिस्तान को 6 विकेट से हराने के बाद सूर्या से जब प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान के एक सीनियर पत्रकार ने दोनों टीमों के बीच प्रदर्शन में अंतर के बारे में पूछा तो भारतीय कप्तान ने मुस्कुराते हुए कहा, ‘‘सर, मेरी गुजारिश है कि आप भारत और पाकिस्तान के मैचों को प्रतिद्वंद्विता कहना बंद कर दें।’’
जब पत्रकार ने कहा कि वह प्रदर्शन के स्तर की बात कर रहे हैं, प्रतिद्वंद्विता की नहीं, इस पर भारतीय कप्तान ने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिद्वंद्विता और स्तर सभी बराबर है। प्रतिद्वंद्विता कहां है। अगर दो टीमें 15 मैच खेलें और 8-7 का आंकड़ा हो तो प्रतिद्वंद्विता होती है। यहां तो 13-1 (12-3) या ऐसा ही कुछ है। कोई मुकाबला ही नहीं है।’’