सूर्यकुमार यादव का मानवता भरा फैसला, मैच फीस दान कर दिखाया दिल
एशिया कप 2025 का खिताब जीतने के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के मुंह पर एक और तमाचा मारा है। उन्होंने अपनी मैच फीस आर्म्ड फोर्सेस और पहलगाम आतंकी हमले में पीड़ित परिवारों की मदद के लिए दान करने का फैसला किया है।
एशिया कप की शुरुआत से ही भारत हर मौके पर पाकिस्तान का विरोध कर रहा था। ना भारतीय खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ मिलाए और ना ही किसी तरह का कोई संबंध रखा। ग्रुप स्टेज का मैच जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव ने उस जीत को आर्म्ड फोर्सेस और पहलगाम आतंकी हमले में पीड़ित परिवारों को भी डेडिकेट किया था।

हालांकि उस समय भी पाकिस्तान को मिर्ची लगी थी और उन्होंने इसकी कंपलेंट आईसीसी से की थी, जिसके बाद सूर्यकुमार यादव पर 30 प्रतिशत मैच फीस का जुर्माना लगाया था। अब ट्रॉफी जीतने के बाद सूर्यकुमार यादव ने सोशल मीडिया पर अपनी मैच फीस डोनेट करना का ऐलान किया है।
ऐसे में अब आईसीसी भी कुछ नहीं कर पाएगा। सूर्यकुमार यादव ने एक्स पर मैच फीस डोनेट करने का ऐलान करते हुए लिखा, “मैंने इस टूर्नामेंट की अपनी मैच फीस हमारे आर्म्ड फोर्सेस और पहलगाम आतंकी हमले में पीड़ित परिवारों की मदद के लिए दान करने का फैसला किया है। आप हमेशा मेरे ख्यालों में रहेंगे।”
भारत ने पाकिस्तान को रौंदकर एशिया कप 2025 का खिताब तो जीता, मगर उनके हाथ ट्रॉफी नहीं लगी। दरअसल, इस ट्रॉफी को देने के लिए मंच पर एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी आए थे, जो पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष होने के साथ-साथ पाकिस्तान के होम मिनिस्टर भी हैं।
मोहसिन नकवी अकसर भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए दिखाई देते हैं जिस वजह से भारतीय खिलाड़ियों ने उनका भी विरोध किया और उनके हाथ से ट्रॉफी ना लेने का फैसला किया।
यह ड्रॉमा 2 घंटे तक चला और इसके बाद मोहसिन नकवी मैदान छोड़कर चले गए और इसके बाद आयोजकों में से कोई ट्रॉफी को भी ले गया। भारतीय खिलाड़ियों को बिना ट्रॉफी के ही जश्न मनाना पड़ा।