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तिलक वर्मा ने सीएम रेवंत रेड्डी से की शिष्टाचार मुलाकात, जताया आभार

एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाने वाले युवा बल्लेबाज़ तिलक वर्मा ने मंगलवार को तेलंगाना के सीएम ए. रेवंत रेड्डी से शिष्टाचार मुलाकात की।

Tilak Varma (@tilakvarma9)

इससे एक दिन पहले, सोमवार रात राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर तिलक का जोरदार स्वागत किया गया। एशिया कप फाइनल में पाकिस्तान के खिलाफ भारत की जीत के नायक युवा क्रिकेटर तिलक वर्मा ने मंगलवार को तेलंगाना के सीएम ए. रेवंत रेड्डी से शिष्टाचार भेंट की।

तिलक वर्मा का सोमवार रात राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने इंस्टाग्राम पर लिखा, “आज हैदराबाद से मिले प्यार और समर्थन से अभिभूत हूं। मेरे साथ खड़े रहने के लिए हर भारतीय का तहे दिल से आभारी हूं। जय हिंद।”

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22 वर्षीय इस बल्लेबाज ने नाबाद 69 रनों की पारी खेलकर भारत को जीत दिलाई, जब टीम शुरुआती तीन विकेट गंवाने के बाद संघर्ष कर रही थी।

बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने चार छक्के और तीन चौके लगाए और उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया। एक इलेक्ट्रिशियन के बेटे वर्मा ने मंगलवार को लिंगमपल्ली स्थित लीगल क्रिकेट अकादमी का दौरा किया, जहां उन्होंने प्रशिक्षण लिया था।

अपने बचपन के कोच और मार्गदर्शक सलाम बयाश के साथ, इस उभरते हुए सितारे ने मैदान पर युवाओं से बातचीत की। राष्ट्रीय ध्वज थामे इस क्रिकेटर की एक झलक पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। मीडियाकर्मियों से बात करते हुए, इस क्रिकेटर ने कहा कि वह अपने बचपन के कोच सलाम के हमेशा ऋणी रहेंगे।

उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली की तरह, वह हमेशा अपने कोच का बहुत सम्मान करते हैं। इस युवा हैदराबादी खिलाड़ी ने कहा कि रविवार को पाकिस्तान के खिलाफ उनकी पारी उनके दो शतकों से भी बेहतर थी।

फाइनल के बारे में बात करते हुए, वर्मा ने कहा कि पाकिस्तानी टीम ने शुरुआत में तीन विकेट गंवाने के बाद उन पर कड़ा प्रहार किया, लेकिन उन्होंने शांत रहने की कोशिश की।

उन्होंने बोला, “हम पहले ही तीन विकेट गंवा चुके थे। मुझे लगा कि अगर मैं दबाव में आ गया, तो मैं न केवल खुद को बल्कि पूरे देश को निराश करूंगा।”

वर्मा ने कहा कि पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने बहुत कुछ कहा, लेकिन वह शांत रहे और बल्ले से ही बात करने दी। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बोला, “हम बस एक खेल खेल रहे थे। अगर हम भावनाओं को खुद पर हावी होने देंगे, तो हम खेल नहीं पाएंगे।”