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लॉकडाउन में लगा युवराज सिंह का ‘हीरो कैंप’, चमक उठे अभिषेक शर्मा

ये वो दौर था जब पूरी दुनिया लॉकडाउन में बंद थी। भारत भी उसी सन्नाटे से गुजर रहा था। पर इसी खामोशी में एक महान क्रिकेटर युवराज सिंह, भविष्य के सितारों को गढ़ने में जुटे थे।

साभार : गूगल

भारत को दो बार वर्ल्ड विजेता बनाने वाले युवराज, किसी कुशल जौहरी की तरह अनगढ़ प्रतिभाओं को चुन रहे थे, उन्हें तराश रहे थे और हीरे की तरह चमका रहे थे। उन्हीं में से एक खिलाड़ी थे – आज के एशिया कप के हीरो, विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा। उन्होंने खुद बताया है कि कैसे युवराज ने उन्हें तराशा।

अभिषेक शर्मा ने एक टॉक शो के दौरान बताया कि कैसे लॉकडाउन के दौरान युवराज सिंह की देखरेख में कड़ी ट्रेनिंग से उनकी बल्लेबाजी तकनीक में सुधार हुआ। एशिया कप में सबसे ज्यादा 314 रन बनाने वाले विध्वंसक ओपनर ने बताया, ‘मैं बहुत शुक्रगुजार हूं।

लॉकडाउन के दौरान हमारा उनके (युवराज सिंह) यहां कैंप था। मैं, शुभमन, प्रभसिमरन, अनमोलप्रीत। वैसे मुझे उस चीज की जरूरत थी। हम लोग एक फ्लाइट से जा रहे थे और मैंने उनसे पूछा कि क्या हमारा कुछ दिनों के लिए कैंप लग सकता है। उन्होंने कहां कि हां, बिल्कुल।

ईमानदारी से कहूं तो उस दौरान में थोड़ा स्ट्रगल कर रहा था।’ यहां तक कि वह आईपीएल की अपनी टीम में भी प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं बना पा रहे थे और दूसरी तरफ शुभमन भारतीय टीम में जगह बना चुके थे।

अभिषेक शर्मा ने बताया, ‘आईपीएल में मुझे निरंतरता नहीं थथी और मैं प्लेइंग इलेवन तक में नहीं था। शुभमन पहले से ही भारत के लिए खेल रहा था। मुझे ऐसा लगना शुरू हो गया कि मैं पीछे रह गया हूं क्योंकि मेरे एज ग्रुप के लोग पहले ही अच्छा कर रहे थे।

हम लोग उनके यहां लंच कर रहे थे और पाजी ने मुझसे सीधे कहा कि वह मुझे स्टेट या आईपीएल के लिए और यहां तक कि भारतीय टीम में डेब्यू तक के लिए भी तैयार नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने मुझसे कहा कि मैं तुम्हें भारत के लिए मैचों को जीतने के लिए तैयार कर रहा हूं। इसे लिख लो और ये अगले 2 से 3 सालों में होकर रहेगा। उस कैंप के बाद मैंने महसूस किया कि मेरा लक्ष्य तो कुछ और ही था।’

शर्मा ने बताया, ‘वह (युवराज) घर पर बैठते थे तो हमारे वीडियो देखते थे और उस पर नोट बनाते थे। उसके बाद वह अलग-अलग वीडियो के स्क्रीनशॉट लेकर पहले और बाद की तुलना करते थे। कोई नहीं जानता है कि युवी पाजी इतने डीटेल में जाते हैं। और जब हम लोगो पांच ओवरों की प्रैक्टिस करते थे तो वह पूरे समय वही पर हमारे साथ ही रहते थे।’