भारत की दूसरी जीत तय, सीरीज में क्लीनस्वीप की ओर बढ़ता कदम
दूसरी पारी में वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने अच्छी चुनौती पेश की लेकिन यह पर्याप्त नहीं था क्योंकि भारत को दूसरे और अंतिम टेस्ट को जीतने और श्रृंखला में क्लीनस्वीप के लिए सिर्फ 58 रन की जरूरत है।
वेस्टइंडीज ने दूसरी पारी में 390 रन बनाकर भारत के सामने 121 रन का लक्ष्य रखा। भारत ने सोमवार को चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक एक विकेट पर 63 रन बनाए हैं।
अहमदाबाद में खेले गए पहले टेस्ट को पारी और 140 रन के अंतर से जीतने वाले भारत ने अपनी पहली पारी पांच विकेट पर 518 रन बनाकर समाप्त घोषित की थी जिसके जवाब में वेस्टइंडीज 248 रन ही बना पाई थी और उसे फॉलोऑन करना पड़ा था।

जॉन कैम्पबेल (115 रन) और शाई होप (103 रन) ने तीसरे विकेट के लिए 177 रन जोड़कर संघर्ष करने का जज्बा दिखाया। भारत ने 80 ओवर के बाद नई गेंद ली। इसके बाद वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की कमजोरी खुलकर सामने आई।
भारत से जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव ने तीन-तीन, मोहम्मद सिराज ने दो तथा रविंद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर ने एक-एक विकेट लिया। छोटे लक्ष्य के सामने भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसने पहली पारी में 175 रन बनाने वाले यशस्वी जयसवाल (08) का विकेट जल्दी गंवा दिया।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने जोमेल वारिकन की गेंद पर लॉन्ग ऑन पर आसान कैच दिया। केएल राहुल (नाबाद 25) और साईं सुदर्शन (नाबाद 30) ने कोई झटका नहीं लगने दिया जिससे भारत ने एक और बड़ी जीत पक्की कर दी। वेस्टइंडीज ने सुबह अपनी दूसरी पारी दो विकेट पर 173 रन से आगे बढ़ाई।
उसके लिए इस मैच में अच्छी बात यह रही कि उसकी ओर से दो शतक लगे और उसने भारत को दूसरी बार बल्लेबाजी के लिए मजबूर करने के अलावा मैच को पांचवें दिन तक खींचा। भारतीय गेंदबाजी इकाई इस तथ्य से उत्साहित हो सकती है कि उसने सभी 20 विकेट लिए, जबकि परिस्थितियां स्पिन या तेज गेंदबाजी के लिए अनुकूल नहीं थीं।
अगर वेस्टइंडीज के बल्लेबाज संघर्ष कर पाए तो उसका श्रेय फिरोजशाह कोटला की पिच को जाता है जिससे गेंदबाजों को खास मदद नहीं मिल रही थी। उसके बल्लेबाजों ने अपनी गलतियों से विकेट गवाएं।
एक समय खेल इतना नीरस हो गया था कि प्रसारणकर्ता भी मैदान पर खेले जा रहे खेल का विश्लेषण करने में ज्यादा रुचि नहीं दिखा रहे थे और इसके बजाय उन्होंने अपने विश्लेषकों से कहा कि वे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रविवार से शुरू होने वाले एकदिवसीय श्रृंखला पर ध्यान केंद्रित करें, जिसमें सभी की निगाहें विराट कोहली और रोहित शर्मा पर हैं, जिनका एकदिवसीय भविष्य संदेह के घेरे में है।
सुबह कैम्पबेल ने जडेजा की गेंद पर काउ कॉर्नर पर स्लॉग स्वीप से छक्का लगाकर 25वें टेस्ट मैच में अपना पहला शतक पूरा किया। इसके बाद वह गलत शॉट का चयन करके पवेलियन लौटे।
ऐसी पिच पर जहां बाएं हाथ के स्पिनरों की अधिकांश गेंदें लेग-मिडिल लाइन पर डाली जा रही थीं, कैम्पबेल ने रिवर्स स्वीप करने का प्रयास किया और डीआरएस ने उन्हें पगबाधा करार दे दिया। कैंपबेल का आउट होना भी ज़्यादा मायने नहीं रखता क्योंकि कप्तान रोस्टन चेज़ (40) और होप चौथे विकेट के लिए 51 रन की साझेदारी के दौरान सहज दिखे।
भारत ने जब नई गेंद ली तो उसके बाद वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों की कलई खुल गई। सिराज ने होप की पारी का अंत किया, कुलदीप ने भी जल्दी-जल्दी तीन विकेट लिए। इनमें चेज़ का विकेट भी था। चेज के आउट होने के साथ ही वेस्टइंडीज़ की हार लगभग तय हो गई।