विराट के साथ नहीं, रणजी डेब्यू में दोहरा शतक लगाकर चमके दोसेजा
आयुष दोसेजा को जब इस साल के आगाज में रेलवे के खिलाफ रणजी ट्रॉफी मैच के लिए दिल्ली टीम में चुना गया तो वह अपने बचपन के आदर्श विराट कोहली के साथ खेलने के अपने सपने को साकार करने के काफी करीब थे। तब चोट लगने के कारण वह इससे बाहर हो गए थे। इस 23 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘‘नियति ने मेरे लिए कुछ और ही सोच रखा था। ’’
दोसेजा सीके नायडू (अंडर-23) सत्र में 550 से ज्यादा रन बनाकर आत्मविश्वास से भरे हुए थे। रणजी ट्रॉफी मुकाबले से एक मैच पहले राजकोट में दोसेजा सौराष्ट्र के मैच के दौरान अन्य रिजर्व खिलाड़ियों के साथ ट्रेनिंग कर रहे थे तभी उनका टखना मुड़ गया और वह मैच से बाहर हो गए।
कोहली ने कोटला में अपने करियर का आखिरी लाल गेंद का मैच खेला और पदार्पण करने की दौड़ में बने हुए दोसेजा मौका चूक गए। हैदराबाद के खिलाफ 279 गेंदों पर 209 रन की पारी खेलने वाले मृदुभाषी दोसेजा ने एक बातचीत में कहा, ‘‘बचपन में आप विराट सर के साथ खेलने का सिर्फ सपना ही देख सकते हैं।

मौका बस आया और चला गया। मैं कुछ दिनों के लिए बहुत दुखी था लेकिन मुझे नियति पर पूरा भरोसा है। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए मेरे लिए एक बड़ी योजना थी और आज रणजी पदार्पण पर दोहरा शतक लगाने से विराट सर की टीम में खेलने का मौका गंवाने का दर्द कम हो गया है। ’’
सनत सांगवान ने भी 470 गेंदों पर नाबाद 211 रनों की दोहरी शतकीय पारी खेली और दोनों ने 319 रन की साझेदारी की। दोसेजा ने कहा, ‘‘मैंने और सनत ने अंडर-23 और अंडर-25 के दिनों से साथ में काफी क्रिकेट खेला है। हमारी अच्छी समझ थी और यह कारगर रही।
हम जानते थे कि अगर हम सकारात्मक क्रिकेट खेलेंगे तो रन बना सकते हैं। ’’दोसेजा दिल्ली प्रीमियर लीग में वेस्ट दिल्ली लायंस के लिए खेलते हुए सुर्खियों में आए थे।