अश्विन की अपील : खिलाड़ियों और चयनकर्ताओं के बीच हो स्पष्ट संवाद
बीसीसीआई से रविचंद्रन अश्विन ने अनुरोध किया है कि खिलाड़ियों और सिलेक्टर्स के बीच स्पष्टता होनी चाहिए। हाल ही में मोहम्मद शमी को लेकर एक विवाद सामने आया है, जिसमें चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने कहा था कि मोहम्मद शमी का फिटनेस अपडेट उनके पास नहीं है, जबकि शमी ने कहा था कि सिलेक्टर्स को फिटनेस की जानकारी वो खुद तो देंगे नहीं, क्योंकि वे एनसीए (अब सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) से फिट होकर लौटे थे।
मोहम्मद शमी को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जारी तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना गया था। अश्विन ने अनुरोध किया है कि खिलाड़ियों और चयनकर्ताओं के बीच कन्फ्यूजन और गलतफहमी न हो, इसके लिए स्पष्ट बातचीत होनी चाहिए। शमी को वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट सीरीज और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया वनडे सीरीज के लिए टीम में नहीं चुना गया।
चीफ सिलेक्टर ने शमी को टीम में नहीं चुने जाने के पीछे फिटनेस का हवाला दिया, लेकिन वनडे सीरीज के पहले मैच से पहले वे चार दिवसीय रणजी मैच में नजर आए और सात विकेट बंगाल की टीम के लिए उन्होंने चटकाए।

भारत के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने कहा कि अगर मोहम्मद शमी अगले कुछ महीनों में पूरी तरह से फिट रहे, तो भविष्य में उनके चयन पर विचार किया जाएगा। अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए, आर अश्विन ने बताया कि कैसे खिलाड़ियों और प्रशासन के बीच अप्रत्यक्ष संवाद से अक्सर ऐसी स्थितियां और बिगड़ जाती हैं।
अश्विन ने कहा, “मैं एक बात खुलकर कहूंगा, भारतीय क्रिकेट में सब कुछ अप्रत्यक्ष बातों पर चलता है। मैं सचमुच चाहता हूं कि इसमें बदलाव हो। खिलाड़ियों की तरफ से भी और प्रशासकों और चयनकर्ताओं की तरफ से भी। मैंने देखा है कि अगर कोई सीधी बात कही जाती है, तो वह खबरों में आ ही जाती है।
इसलिए खिलाड़ी में किसी के पास जाकर यह कहने का आत्मविश्वास नहीं होता कि वह क्या चाहता है।” उन्होंने आगे शमी के मसले को लेकर बात की और कहा, “देखिए शमी ने क्या किया। उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस में बात की, इसमें कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन वो ये सब क्यों बोल रहे हैं? क्योंकि उन्हें स्पष्टता नहीं है।
अगर उन्हें इस बात की स्पष्टता होती कि उनसे क्या उम्मीदें हैं, तो शमी ये नहीं कहते या शमी को वो संदेश मिला है और वो उसे जाहिर नहीं कर रहे हैं? हमें हकीकत नहीं पता। इसलिए इस पर अटकलें लगाना गलत है। एक खिलाड़ी के तौर पर जब भी मुझे स्पष्टता नहीं मिलती थी, तो मैं हमेशा थोड़ा निराश महसूस करता था।
मैं सोचता था कि अब मैं क्या करूं, क्या मैं किसी से बात करूं? लेकिन अगर मैं बात करूंगा, तो क्या वो लीक हो जाएगी? ये भरोसा बहुत जरूरी है।” अश्विन ने संवाद में कमी को स्वीकार किया, लेकिन उन्होंने स्थिति को पेशेवर तरीके से संभालने के लिए अजीत अगरकर की भी तारीफ की।
अश्विन ने कहा, “मुझे अजीत अगरकर का यह तरीका बहुत पसंद आया कि उन्होंने इसे कैसे संभाला। उन्होंने कहा कि अगर शमी कुछ कहना चाहेंगे तो मैं फोन करके उनसे बात करूँगा। मुझे उम्मीद है कि वो फोन कॉल हो चुकी होगी।” शमी आखिरी बार भारत के लिए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में खेले थे।