अक्षर पटेल बने भारत की जीत के नायक, बोले— अब बाउंड्री नहीं, टाइमिंग पर भरोसा
ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चौथे टी-20 में अपने हरफनमौला खेल से प्रभावित करने वाले भारतीय खिलाड़ी अक्षर पटेल ने कहा कि उन्होंने अपनी ‘पिछली गलतियों’ से सीख लेते हुए बाउंड्री के आकार को अपने शॉट चयन पर हावी नहीं होने दिया।
अक्षर ने नाबाद 21 रन बनाये। उन्होंने इस दौरान आखिरी ओवर में मार्कस स्टोइनिस के खिलाफ लगातार गेंदों पर चौका और छक्का लगाकर टीम के स्कोर को 167 रन तक पहुंचाने में अहम योगदान दिया। अक्षर ने गेंद से भी कमाल करते हुए दो विकेट चटकाये। भारत ने इस मैच को 48 रन से जीतकर सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली।
अक्षर पटेल चौथे टी-20 में प्लेयर ऑफ द मैच रहे। अक्षर ने ‘बीसीसीआई टीवी’ से कहा, ‘‘ जाहिर है, मुझे पता था कि यह मुश्किल होगा क्योंकि लगातार विकेट गिर रहे थे। ड्रेसिंग रूम से मुझे यही मैसेज मिला कि मुझे आखिरी ओवर क्रीज पर डटे रहना है क्योंकि मेरे बाद कोई बल्लेबाज नहीं था।’’

इस 31 वर्षीय हरफनमौला ने कहा, ‘‘मैंने सोचा कि आखिरी ओवर में जोखिम उठाउंगा। साइड की बाउंड्री की दूरी अधिक थी लेकिन मैंने सोचा कि अगर मैं अपनी लय बनाए रखूं और गेंद पर नजर रखूं तो मैं गेंद को बाउंड्री के पार भेज सकता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहले भी महसूस किया है कि अगर मैं बाउंड्री के आकार के बारे में सोचता था तो उस तरफ शॉट नहीं खेलता था। ऐसे में यह पहले से तय शॉट बन जाता था और मैं गलतियां कर बैठता था। मैंने पिछली गलतियों से सबक लेकर यहां अपने शॉट में सुधार किये।’’ सीरीज का पांचवां और आखिरी टी20 शनिवार को ब्रिसबेन में खेला जाएगा।