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टीम से बाहर होने पर बोले सुनील छेत्री – मलाल नहीं, भारतीय फुटबॉल के भविष्य पर भरोसा

भारतीय फुटबॉल के दिग्गज और पूर्व कप्तान सुनील छेत्री ने हाल ही में खुलासा किया कि उन्हें एशियाई कप क्वालीफायर की संभावित 23 खिलाड़ियों की सूची में जगह नहीं मिलने का कोई पछतावा नहीं है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से खेल के इस उतार-चढ़ाव को समझते हैं और उनके लिए यह कोई नई बात नहीं है।

छेत्री का मलाल इस बात पर है कि भारतीय टीम 2027 एशियाई कप फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर पाई। उन्होंने कहा, “हम ऐसी टीम नहीं हैं जो बस आकर जीत जाए। इसके लिए हमें गति, मेहनत और सही परिस्थितियों की जरूरत है। यह क्वालीफिकेशन नहीं जीत पाने का कारण नहीं है, लेकिन मदद जरूर करता।”

इस ऐलान के साथ ही भारतीय सीनियर टीम के मुख्य कोच खालिद जमील ने 23 संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की, जिसमें छेत्री का नाम शामिल नहीं था। मार्च 2025 में संन्यास से वापसी के बाद उन्होंने एएफसी एशियाई कप क्वालीफायर में खेलने की इच्छा जताई थी, और फीफा अंतर्राष्ट्रीय विंडो की 30 संभावित खिलाड़ियों की सूची में भी उनका नाम था।

साभार : गूगल

लेकिन अंतिम चयन से उनका नाम बाहर रह गया। तीन एएफसी एशियाई कप खेलने वाले एकमात्र भारतीय खिलाड़ी के तौर पर, छेत्री हाल ही में संपन्न सीएएफए नेशंस कप का भी हिस्सा नहीं थे।

भारतीय फुटबॉल के सबसे सफल खिलाड़ियों में से एक, छेत्री ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 157 मैचों में 95 गोल कर दुनिया के महान खिलाड़ियों की सूची में जगह बनाई—सिर्फ रोनाल्डो, मेसी और अली दई उनसे आगे हैं।

इस बदलाव के साथ ऐसा प्रतीत होता है कि छेत्री का अंतर्राष्ट्रीय करियर अब समाप्त होने की ओर बढ़ रहा है, लेकिन उनके अनुभव और दृष्टिकोण भारतीय फुटबॉल के लिए हमेशा प्रेरणास्त्रोत बने रहेंगे।