बाबर के पास कोई सचिन या द्रविड़ नहीं था’ — आजम खान ने खोली पाकिस्तान क्रिकेट की पोल
पाक विकेटकीपर-बल्लेबाज आजम खान ने हाल ही में एक पॉडकास्ट पर ऐसा बयान दिया है जिसने पाकिस्तान क्रिकेट सिस्टम की पुरानी समस्या को फिर से उजागर कर दिया है — प्रतिभा तो है, लेकिन उसे दिशा देने वाला माहौल नहीं।
आजम ने कहा कि विराट कोहली को अपने करियर की शुरुआत से ही सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग और एमएस धोनी जैसे दिग्गजों से सीखने का मौका मिला, जबकि बाबर आजम के पास ऐसा कोई सहारा नहीं था।
उनका कहना था कि जब बाबर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा, तब पाकिस्तान टीम में कोई अनुभवी या ‘लीजेंड’ खिलाड़ी मौजूद नहीं था जो उन्हें सही दिशा दे सके। आजम ने कहा, “भारत की पहचान पहले स्पिन या ऑलराउंडर्स के लिए थी, लेकिन विराट ने अपनी बल्लेबाजी से उसे नई ऊंचाई दी।

उसी तरह बाबर ने पाकिस्तान को फास्ट बॉलिंग के बजाय बैटिंग के लिए जाना जाने वाला देश बनाया। फर्क सिर्फ इतना है कि विराट के आसपास बड़े नाम थे, बाबर के आसपास कोई नहीं।” यह बयान महज एक तुलना नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट में मेंटॉरशिप और स्ट्रक्चर की कमी पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
पूर्व ओपनर मोहसिन खान ने भी हाल ही में इसी मुद्दे को उठाते हुए कहा था कि बाबर में प्रतिभा है, लेकिन उनके आसपास सहयोगी खिलाड़ियों की कमी है। उन्होंने कहा, “एक महान खिलाड़ी को महान टीम बनाती है। विराट के पास रोहित, धवन, पुजारा, रहाणे जैसे साथी थे। बाबर के पास वैसा समर्थन नहीं है।”
दरअसल, पिछले एक दशक से पाकिस्तान क्रिकेट में ट्रांजिशन का दौर चल रहा है। यूनिस खान, मिस्बाह-उल-हक और मोहम्मद यूसुफ़ के बाद लगातार ऐसा कोई वरिष्ठ बल्लेबाज नहीं उभरा जिसने नई पीढ़ी को गाइड किया हो।
आजम खान का बयान इस बात का संकेत है कि पाकिस्तान क्रिकेट को सिर्फ नए टैलेंट नहीं, बल्कि अनुभव और मार्गदर्शन की संस्कृति की भी उतनी ही ज़रूरत है।