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ईडन गार्डन पर भारतीय स्पिनरों का जादू, गिल की चोट बनी चुनौती

ईडन गार्डन का विकेट अभी तक लगातार बल्लेबाजों के लिए मुश्किल साबित हो रहा है, और दूसरे दिन का खेल भी इस मोर्चे पर कोई अपवाद नहीं था। दिन के अंत तक 16 विकेट गिरे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि भारत ने दक्षिण अफ्रीका पर दबाव बनाए रखा है, और अब पहली बार टेस्ट को तीन दिनों के अंदर खत्म करने का भारत का मौका बढ़ गया है।

भारत को इस आत्मविश्वास से बचकर रहना होगा। यह सच है कि विकेट स्पिनरों के लिए मुफीद बन चुका है, और अब अगर दक्षिण अफ्रीका के सामने 150 रन का लक्ष्य आता है, तो भी वह चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। दूसरे दिन के स्टंप्स तक दक्षिण अफ्रीका ने 7 विकेट पर 93 रन बनाए। टीम की कुल बढ़त फिलहाल 63 रन है।

पहली पारी में भारत का कुल स्कोर महज 189 रन था, और उस दौरान साइमन हार्मर और केशव महाराज की स्पिन जोड़ी ने भारतीय बल्लेबाजों को काफी परेशान किया था। भारत की पहली पारी में 30 रन की मामूली बढ़त ने अहम भूमिका निभाई, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के साथ इस बढ़त की तुलना अब ज्यादा स्पष्ट हो रही है।

@BCCI

भारत के लिए कप्तान शुभमन गिल का चोटिल होना चिंता का बड़ा कारण बना है, क्योंकि पहले दिन उन्होंने रिटायर्ड हर्ट होने के बाद फिर से बल्लेबाजी के लिए नहीं लौटे। दूसरी पारी में दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत भी कुछ खास नहीं रही।

भारतीय स्पिनर्स ने पूरी तरह से कब्जा जमाया, खासकर कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा ने दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को झकझोर डाला। कुलदीप यादव ने चाय के बाद अपनी चौथी गेंद पर रेयान रिकेल्टन को आउट किया, जबकि जडेजा ने फिर लगातार चार विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका की बल्लेबाजी को तहस-नहस कर दिया।

जडेजा ने चार विकेट झटके, कुलदीप यादव ने दो विकेट हासिल किए, और अक्षर पटेल ने भी एक विकेट लिया। दक्षिण अफ्रीका के लिए साइमन हार्मर और मार्को यानसन ने शानदार गेंदबाजी की।

हार्मर ने अपनी ऑफ स्पिन से भारत के कई बल्लेबाजों को परेशान किया और उनकी गेंद पर वाशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा और अक्षर पटेल आउट हुए। यानसन ने भी तीन विकेट लेकर भारतीय पारी को धराशायी किया। हार्मर की गेंदों ने भी भारतीय बल्लेबाजों को खासा कठिनाई दी, खासकर जब उन्होंने स्लिप में दो कैच भी पकड़े।

भारत के लिए इस दिन की सबसे बड़ी चिंता शुभमन गिल का चोटिल होना था। उनका रिटायर्ड हर्ट हो जाना टीम के लिए बड़ा झटका था, क्योंकि उनकी उपस्थिति के बिना भारतीय टीम की बल्लेबाजी कमजोर दिख रही थी।

हालांकि, राहुल और वाशिंगटन सुंदर ने अपनी बल्लेबाजी से कड़ी चुनौती दी। राहुल और वाशिंगटन ने दूसरे विकेट के लिए 57 रन जोड़े, लेकिन हार्मर की गेंदबाजी ने उनका काम तमाम कर दिया। पंत के जवाबी हमले की उम्मीद पर पानी फिर गया, जब वह कोर्बिन बॉश के बाउंसर पर विकेट के पीछे कैच हो गए।

पंत ने अपनी पारी में 27 रन बनाए, लेकिन उनका आउट होना भारत के लिए निराशाजनक था। अगर भारत इस मैच को जीतने की सोचता है, तो उसे ध्यान रखना होगा कि विकेट अभी भी स्पिनरों के पक्ष में है और 150 रन का लक्ष्य भी मुश्किल हो सकता है।

लेकिन एक बात तय है: भारतीय गेंदबाजों ने दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों को पूरी तरह से दबोच लिया है, और अब इस मैच में कोई भी मोड़ आने से इंकार नहीं किया जा सकता।