भारतीय महिला टीम श्रीलंका के खिलाफ पांचवें टी20 में क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी
भारतीय महिला क्रिकेट टीम मंगलवार को श्रीलंका के खिलाफ पांचवे और अंतिम महिला टी20 मुकाबले में जीत के साथ श्रृंखला में क्लीन स्वीप करने का लक्ष्य रखेगी।
अगर भारत यह मैच जीतता है, तो यह टी20 में श्रीलंका के खिलाफ पहली बार 5-0 की जीत होगी। पिछली बार दोनों टीमों के बीच 2018 में पांच मैचों की श्रृंखला खेली गई थी, जिसमें भारत ने 4-0 से जीत हासिल की थी और एक मैच का नतीजा नहीं निकल पाया था।
यह श्रृंखला भारत के लिए आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2025 की तैयारियों में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है, जो जून-जुलाई में इंग्लैंड में होने वाला है। श्रीलंका के खिलाफ इस सीरीज के बाद भारतीय टीम विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में तीन-तीन टी20 मैच खेलेगी।
टी20 विश्व कप 2024 में ग्रुप चरण से बाहर होने के बाद भारतीय टीम ने अपनी शैली में बदलाव किया है। टीम ने आक्रामक खेल को अपनाया और इस रणनीति का असर नतीजों में दिखाई दिया। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा, “यह सीरीज हम सभी के लिए शानदार रही।

पिछले विश्व कप के बाद हमने तय किया था कि हमें अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में अधिक आक्रामक होना होगा।” शुरुआती तीन मैचों में भारतीय गेंदबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा, जिससे बल्लेबाजों पर दबाव कम रहा। हालांकि आक्रामक अंदाज में खेलने वाली शेफाली वर्मा ने अपने प्रदर्शन से विशेष प्रभाव डाला है।
फील्डिंग भारतीय टीम की कमजोरी बनी हुई है। पिछले मैच में टीम ने दो कैच छोड़े और एक स्टंपिंग का मौका गंवाया, जो चिंता का विषय है।
सीरीज में कई सकारात्मक पहलू भी रहे। तेज गेंदबाज रेणुका सिंह ठाकुर ने एक साल के अंतराल के बाद टी20 में प्रभावशाली वापसी की, वहीं भरोसेमंद दीप्ति शर्मा लगातार शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। बाएं हाथ की स्पिनर वैष्णवी शर्मा ने भी अपनी क्षमता के अनुसार चार विकेट लिए हैं, जिसमें उनकी इकॉनमी रेट 5.73 रही।
बल्लेबाजी में शेफाली वर्मा का प्रदर्शन लगातार शानदार रहा है। उन्होंने चार मैचों में तीन अर्धशतक बनाये और उनका स्ट्राइक रेट 185.82 का है। वहीं उप कप्तान स्मृति मंधाना ने भी चौथे मैच में 48 गेंद में 80 रन बनाकर फॉर्म में वापसी की है और अपनी लय बरकरार रखने का प्रयास करेंगी।
चौथे मैच में शेफाली और मंधाना ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए केवल 92 गेंदों में 162 रन की साझेदारी की, जो भारत की महिला टी20 टीम में पहले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है।
वहीं ऋचा घोष को तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी का मौका मिला और उन्होंने केवल 16 गेंदों में नाबाद 40 रन बनाकर टीम के फैसले को सही साबित किया।
पहले तीन मैच कम स्कोर वाले रहे, लेकिन चौथे मैच में बल्लेबाजों ने जोरदार प्रदर्शन किया और भारत ने 221 रन बनाये। श्रीलंका ने बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए 191 रन बनाए। इस मैच ने दोनों टीमों के आत्मविश्वास को बढ़ाया।
श्रीलंका की कप्तान चमारी अटापट्टू ने चौथे मैच में 37 गेंदों में 52 रन बनाकर फॉर्म में वापसी की, लेकिन उन्हें टीम के अन्य बल्लेबाजों से भी समर्थन की आवश्यकता है।
भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, हरलीन देयोल, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा
श्रीलंका: चमारी अटापट्टू (कप्तान), हासिनी परेरा, विशमी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा, नीलाक्षिका डी सिल्वा, कविशा दिलहारी, इमेशा दुलानी, कौशिनी नुथ्यांगना, मालशा शेहानी, इनोका राणावीरा, शशिनी गिम्हानी, निमेश मदुशानी, काव्या कविंदी, रश्मिका सेववंडी, मल्की मदारा