शूट-ऑफ में मनु का स्वर्ण हाथ से निकला, ईशा को 25 मीटर पिस्टल में कांस्य
नई दिल्ली : एशियन राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप 2026 में 25 मीटर महिला पिस्टल के रोमांचक फाइनल में भारत की मनु भाकर स्वर्ण पदक से बेहद करीब रहकर चूक गईं। डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में खेले गए इस फाइनल में वियतनाम की थुईत्रांगगुयेन ने दो शूट-ऑफ के बाद स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
वहीं, ईशा सिंह ने इस चैंपियनशिप में अपना दूसरा व्यक्तिगत पदक जीतते हुए कांस्य पदक हासिल किया।जूनियरवर्ग में नाम्याकपूर ने एक और बेहद रोमांचक शूट-ऑफ में स्वर्ण पदक जीता, जबकि इसी स्पर्धा में अंजलि भगवत ने कांस्यपदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत के कुल पदकों की संख्या 60 तक पहुंच गई है, जिसमें 37 स्वर्ण, 13 रजत और 10 कांस्य पदक शामिल हैं।
फाइनल में ईशा सिंह ने पहली सीरीज़ में परफेक्ट पांच शॉट लगाकर शानदार शुरुआत की, जबकि मनुभाकर और थुईत्रांग ने चार-चार शॉट लगाए। तीनों निशानेबाज़ों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली और हर सीरीज़ के बाद पदक की स्थिति बदलती रही।

भारतीय निशानेबाज़ लगातार वियतनामी खिलाड़ी पर दबाव बनाए हुए थे, लेकिन छठी सीरीज़ में गुयेन के परफेक्ट पांचशॉट्स ने उन्हें दो अंकों की बढ़त दिला दी। सातवीं सीरीज़ में गुयेन के एक शॉट लगाने का फायदा मनु और ईशा ने उठाते हुए अंतर कम कर दिया।
आठवीं सीरीज़ के बाद 30 अंकों के साथ बढ़त पर चल रहीं ईशासिंह नौवीं सीरीज़ में सभी शॉट चूक गईं और अंततःउन्हें कांस्यपदक से संतोष करना पड़ा। आखिरी सीरीज़ में मनुनेतीनजबकिगुयेन ने दो शॉट लगाए और दोनों 35 अंकों के साथ बराबरी पर रहीं, जिसके चलते मुकाबला शूट-ऑफ में गया।
पहले शूट-ऑफ में दोनों निशानेबाज़ों ने दो-दो शॉट लगाए। इसके बाद दूसरे शूट-ऑफ में मनु तीन शॉट चूक गईं और स्वर्ण पदक से चूकना पड़ा। फाइनल में तीसरी भारतीय खिलाड़ी रिदमसांगवान चौथे स्थान पर रहीं। जूनियर फाइनल में नाम्याकपूर ने शूट-ऑफ में शानदार संयम दिखाते हुए स्वर्ण पदक जीता।

विश्व चैंपियनशिप में पदक जीतने वाली सबसे कमउम्र की भारतीय निशानेबाज़नाम्या ने 29 शॉट लगाए, जो इंडोनेशिया की रिहादतुलअस्यीफा के बराबर थे। शूट-ऑफ में नाम्या ने तीन शॉट लगाए, जबकि अस्यीफा कोई भी शॉट नहीं लगा सकीं।
अंजलि भगवत ने 24 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। क्वालिफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल करने वाली परिशा गुप्ता फाइनल में 14 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहीं। भारतीय टीमों ने सीनियर और जूनियर, दोनों वर्गों में टीम स्पर्धाओं का स्वर्ण पदक भी जीता।