बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर में बदलाव : इंडिया ओपन की साख बरकरार लेकिन….
विश्व बैडमिंटन महासंघ ने 2027 से 2030 तक के विश्व टूर कैलेंडर की सोमवार को घोषणा की, जिसमें खेल को नए देशों और क्षेत्रों तक ले जाने की महत्वाकांक्षी योजना साफ दिखाई देती है।
हालांकि, इस वैश्विक विस्तार की रणनीति की कीमत भारत को चुकानी पड़ी है। देश में आयोजित होने वाले बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर टूर्नामेंटों की संख्या चार से घटाकर दो कर दी गई है।
इस फैसले के बावजूद राहत की बात यह है कि आयोजन संबंधी विवादों के बावजूद इंडिया ओपन ने अपना सुपर 750 दर्जा बरकरार रखा है। दिल्ली में होने वाला यह टूर्नामेंट 2023 में सुपर 750 बना था और नए चक्र (2027–30) में भी पांच सुपर 750 प्रतियोगिताओं में शामिल रहेगा। यह ग्रेड दो, लेवल तीन स्तर बनाए रखेगा।
लखनऊ में आयोजित होने वाले सैयद मोदी इंटरनेशनल का दर्जा सुपर 300 से घटाकर सुपर 100 कर दिया गया है। यह टूर्नामेंट राष्ट्रमंडल खेल चैंपियन सैयद मोदी की स्मृति में आयोजित होता है और भारतीय बैडमिंटन कैलेंडर के सबसे पुराने आयोजनों में शामिल है।

2009 में ग्रां प्री टूर्नामेंट के रूप में शुरू हुआ यह आयोजन 2018 से विश्व टूर सुपर 300 स्तर पर था, लेकिन अगले सत्र से यह सर्किट में शामिल आठ सुपर 100 टूर्नामेंटों में से एक होगा। गुवाहाटी और ओडिशा में आयोजित सुपर 100 टूर्नामेंटों को विश्व टूर कैलेंडर से पूरी तरह हटा दिया गया है।
इन दोनों टूर्नामेंटों की शुरुआत 2023 में हुई थी। भारतीय बैडमिंटन संघ के महासचिव संजय मिश्रा ने एक न्यूज़ एजेंसी से बातचीत में इस फैसले के पीछे की वैश्विक प्रतिस्पर्धा की तस्वीर पेश की।
उन्होंने कहा, “पिछली बार विश्व टूर टूर्नामेंटों के लिए 32 देशों ने आवेदन किया था। इस बार 56 देशों ने आवेदन किया है। स्वाभाविक रूप से टूर्नामेंट की संख्या सीमित है, इसलिए बीडब्ल्यूएफ खेल को नए क्षेत्रों तक ले जाना चाहता है।” मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अकेला देश नहीं है जिसे कटौती का सामना करना पड़ा है। “चीन को भी सिर्फ तीन टूर्नामेंट मिले हैं।
हमने बीडब्ल्यूएफ से कहा था कि हम उन टूर्नामेंटों की मेजबानी जारी रखना चाहते हैं जिन्हें हम पहले से आयोजित करते आ रहे हैं, लेकिन बीडब्ल्यूएफ के पास बहुत ज्यादा अनुरोध थे और वे चाहते थे कि अधिक संख्या में देश विश्व टूर स्तर के टूर्नामेंटों की मेजबानी करें। छोटे देश सुपर 100 जैसे टूर्नामेंट आसानी से आयोजित कर सकते हैं क्योंकि इसमें कम राशि की जरूरत होती है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमें एक सुपर 100 टूर्नामेंट मिल रहा था, इसलिए हमने सोचा कि इसे लखनऊ में आयोजित करना बेहतर रहेगा, क्योंकि सैयद मोदी इंटरनेशनल हमारे सबसे पुराने टूर्नामेंटों में से एक है।” बीडब्ल्यूएफ ने हालांकि सैयद मोदी टूर्नामेंट का स्तर घटाने या ओडिशा और गुवाहाटी के आयोजनों को हटाने के कारणों को औपचारिक रूप से स्पष्ट नहीं किया है।
इंडिया ओपन इस साल विवादों में भी रहा था, जब कई अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने साफ-सफाई सहित आयोजन की अन्य खामियों की ओर इशारा किया था। इसके बावजूद इसका सुपर 750 दर्जा कायम रहना भारत के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
खास बात यह है कि सुपर 100 टूर्नामेंट पहली बार मुख्य टूर का हिस्सा बनेंगे। सुपर 1000 स्तर पर भी बड़ा बदलाव किया गया है। पहले चार सुपर 1000 टूर्नामेंट होते थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़ाकर पांच कर दी गई है, जो एशिया और यूरोप में आयोजित होंगे।
इन टूर्नामेंटों में एकल वर्ग में 48 खिलाड़ी पहले ग्रुप चरण और फिर एलिमिनेशन चरण में प्रतिस्पर्धा करेंगे, जबकि युगल में 32 जोड़ियों का नॉकआउट ड्रॉ होगा। हर सुपर 1000 टूर्नामेंट 11 दिन तक चलेगा, दो सप्ताहांतों को कवर करेगा और इसके 1,095 मैच पूरी दुनिया में प्रसारित किए जाएंगे। बीडब्ल्यूएफ के अनुसार, विश्व टूर में कुल वार्षिक पुरस्कार राशि लगभग 26.9 मिलियन डॉलर होगी।
2027 से विश्व चैंपियनशिप में ग्रुप चरण के बाद नॉकआउट चरण होगा, जिससे हर खिलाड़ी को कम से कम दो मैच खेलने का मौका मिलेगा। इसके अलावा, सुदीरमन कप फाइनल्स और थॉमस एवं उबेर कप फाइनल्स में अधिक टीमों को शामिल किया जाएगा, जिससे वैश्विक प्रतिनिधित्व बढ़ेगा।
विश्व टूर के लिए 2027 से 2030 तक के मेजबानों की पुष्टि कर दी गई है, जबकि विश्व टूर फाइनल्स के स्थल की घोषणा बाद में की जाएगी। ये बदलाव बीडब्ल्यूएफ द्वारा अपने प्रसारण और वाणिज्यिक साझेदार ‘इनफ्रंट’ के साथ 2034 तक बढ़ाए गए दीर्घकालिक करार के बाद किए गए हैं। नए प्रारूप के तहत टीवी पर प्रसारित बैडमिंटन मैचों की संख्या 1,410 से बढ़कर लगभग 3,000 हो जाएगी।
बीडब्ल्यूएफ अध्यक्ष खुनयिंग पटामा लीसवादट्राकुल ने कहा, “हम ऐसा खेल तैयार कर रहे हैं जो अगली पीढ़ी से जुड़े। प्रतियोगिता प्रारूप, बढ़ी हुई पुरस्कार राशि, प्रसारण रणनीति और ‘स्पॉन्सरशिप वैल्यू चेन’ — हर पहलू को 21वीं सदी के वैश्विक खेल की मांगों के अनुसार नया रूप दिया गया है।”
वहीं महासचिव थॉमस लुंड ने कहा कि ये बदलाव खिलाड़ियों को खेल के केंद्र में रखते हैं। “हम एक भविष्य-सक्षम ढांचा बना रहे हैं जो सतत विकास को बढ़ावा देगा और बैडमिंटन की वैश्विक पहुंच को और मजबूत करेगा।
यह कदम बैडमिंटन को वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धात्मक और वाणिज्यिक रूप से आकर्षक बनाता है, साथ ही खिलाड़ियों को उचित पुरस्कार और लंबे समय तक शीर्ष स्तर पर भागीदारी सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।” नए बदलावों के तहत बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर की छह-स्तरीय संरचना में कुल 36 टूर्नामेंट होंगे। इनमें शामिल हैं:
विश्व टूर फाइनल्स
- पांच सुपर 1000 टूर्नामेंट
- पांच सुपर 750
- नौ सुपर 500
- आठ सुपर 300
- आठ सुपर 100 टूर्नामेंट
नई पुरस्कार राशि
- सुपर 1000: 20 लाख डॉलर
- सुपर 750: 11 लाख डॉलर
- सुपर 500: 5.60 लाख डॉलर
- सुपर 300: 2.90 लाख डॉलर
- सुपर 100: 1.40 लाख डॉलर