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संजू सैमसन का नया आत्मविश्वास: टी20 विश्व कप 2026 में भारत की बड़ी उम्मीद

संजू सैमसन की प्रतिभा और क्षमता पर कभी कोई सवाल नहीं था। उनकी सबसे बड़ी चुनौती हमेशा यह रही कि वह अपनी प्रतिभा को लगातार प्रदर्शित नहीं कर पाते थे।

लेकिन टी20 विश्व कप ने यह साबित कर दिया कि संजू ने इस कमजोरी पर काम किया है। इस टूर्नामेंट में उन्होंने लगातार विस्फोटक पारियां खेलकर भारत को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई है।

सैमसन की पिछली पारियों ने क्रिकेट आलोचकों के दिमाग में बनी धारणाओं को बदल दिया है। यह सफलता केवल खेल की तकनीक का परिणाम नहीं है, बल्कि मानसिक तैयारी और आत्म-फोकस का भी नतीजा है।

इंग्लैंड के खिलाफ मुकाबले के बाद प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने साझा किया कि टूर्नामेंट से पहले का समय उनके लिए आसान नहीं था। टीम में जगह पक्की करना और लगातार दबाव में खेलना चुनौतीपूर्ण रहा। उन्होंने महसूस किया कि खेल को शांत दिमाग और सही दृष्टिकोण के साथ लेना कितना जरूरी है।

AFP/Getty Images

सैमसन ने कहा, “टी20 भले ही तेज और आक्रामक फॉर्मेट है, लेकिन धैर्य और बेसिक्स का उतना ही महत्व है। दुनिया के कई बड़े बल्लेबाज भी इस फॉर्मेट में लगातार रन बनाने में संघर्ष करते हैं। इसलिए खेल के मूल सिद्धांतों का सम्मान करना जरूरी है।”

उन्होंने खेल की बुनियादी बातों पर फिर से काम किया और खुद को बेहतर तरीके से तैयार किया। यही बदलाव उनकी सफलता की कुंजी रहा।

इस दौरान सैमसन ने अपने मानसिक संतुलन पर भी ध्यान दिया। उन्होंने फोन बंद कर दिया, सोशल मीडिया से दूरी बनाई और अपने करीबी लोगों का समर्थन लिया। यह अलगाव और फोकस उन्हें सही दिशा में केंद्रित रखने में मददगार साबित हुआ।

वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला गया मुकाबला नॉकआउट की तरह था। इस मैच में पारी की शुरुआत करने आए सैमसन ने 50 गेंदों पर नाबाद 97 रन बनाकर टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया।

सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने 42 गेंदों में 89 रन की विस्फोटक पारी खेली। दोनों मैचों में सैमसन की पारियां ऐसे समय आईं जब टीम को सबसे ज्यादा जरूरत थी, और दोनों मैचों में उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया।

अब सबकी नजरें 8 मार्च को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल पर टिकी हैं। संजू सैमसन का यह नया रूप और आत्मविश्वास भारत की उम्मीदों को और ऊंचा ले जा रहा है।