नीट-यूजी 2026 की नई रणभेरी
21 जून को होगी दोबारा परीक्षा; पेपर लीक कांड के बाद एनटीए ने बदला पूरा सुरक्षा तंत्र

नई दिल्ली (एजुकेशन डेस्क): देश की सबसे प्रतिष्ठित और चुनौतीपूर्ण चिकित्सा प्रवेश परीक्षा, ‘नीट-यूजी 2026’ (NEET-UG 2026) को लेकर चल रहा अनिश्चितता का दौर अब समाप्त हो गया है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक अधिसूचना जारी करते हुए घोषणा की है कि पेपर लीक और प्रशासनिक विसंगतियों के कारण रद्द हुई यह परीक्षा अब 21 जून 2026 (रविवार) को पूरे देश में पुनः आयोजित की जाएगी। शिक्षा मंत्रालय और एनटीए का यह निर्णय परीक्षा की शुचिता को बहाल करने और मेधावी छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
विवाद से दोबारा परीक्षा तक का सफर: एक संक्षिप्त घटनाक्रम
बीते 5 मई 2026 को आयोजित हुई पहली परीक्षा के तुरंत बाद बिहार, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से पेपर लीक की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद देश भर में छात्रों का उग्र प्रदर्शन और कानूनी याचिकाओं का सिलसिला शुरू हुआ। केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी। सीबीआई की हालिया जांच में यह पुख्ता हुआ कि परीक्षा व्यवस्था के भीतर ही कुछ ‘सेंधमार’ मौजूद थे, जिन्होंने टेलीग्राम और अन्य डार्क-वेब माध्यमों से प्रश्नपत्रों का सौदा किया था। अब तक इस मामले में महाराष्ट्र और बिहार से कुल 7 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
परीक्षा से जुड़ी हर छोटी-बड़ी जानकारी (Minute Details)
परीक्षा की तिथि: 21 जून 2026।
समय: दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:20 बजे तक (पूर्व निर्धारित समयानुसार)।
प्रवेश पत्र (Admit Card): एनटीए जून के दूसरे सप्ताह में नए एडमिट कार्ड जारी करेगा। पुराने एडमिट कार्ड अब मान्य नहीं होंगे।
परीक्षा केंद्र: सुरक्षा कारणों से लगभग 40% परीक्षा केंद्रों को बदल दिया गया है। छात्रों को उनके नए केंद्रों की जानकारी एडमिट कार्ड के माध्यम से दी जाएगी।
शून्य शुल्क नीति: एनटीए ने स्पष्ट किया है कि दोबारा परीक्षा के लिए छात्रों को कोई भी नया आवेदन शुल्क नहीं देना होगा।
एनटीए का नया ‘कवच’: सुरक्षा में बड़े बदलाव
पिछली गलतियों से सबक लेते हुए, इस बार परीक्षा को ‘लीक-प्रूफ’ बनाने के लिए अभूतपूर्व तकनीकी बदलाव किए गए हैं:
एआई-आधारित निगरानी: हर परीक्षा केंद्र पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कैमरों के जरिए छात्रों की गतिविधि और बायोमेट्रिक्स का रीयल-टाइम मिलान किया जाएगा।
डिजिटल लॉकिंग सिस्टम: प्रश्नपत्रों के बॉक्स अब डिजिटल लॉक से लैस होंगे, जो परीक्षा शुरू होने से ठीक 15 मिनट पहले केवल अधिकृत सर्वर से भेजे गए ओटीपी (OTP) के जरिए ही खुलेंगे।
मल्टी-लेयर वेरिफिकेशन: परीक्षा हॉल में प्रवेश से पहले तीन चरणों में पहचान पत्र और शारीरिक तलाशी ली जाएगी।
विशेषज्ञ की राय: अंतिम दिनों की रणनीति
छात्रों के लिए यह समय निराशा का नहीं बल्कि पुनर्मूल्यांकन का है।
एनसीईआरटी (NCERT) पर ध्यान: अगले 30-35 दिनों के लिए पूरी तरह से एनसीईआरटी की किताबों को आधार बनाएं।
मॉक टेस्ट: सप्ताह में कम से कम तीन फुल-लेंथ मॉक टेस्ट दें ताकि समय प्रबंधन (Time Management) बेहतर हो सके।
मानसिक स्वास्थ्य: परीक्षा रद्द होने के बाद छात्रों में तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। योग और उचित नींद को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।
निष्कर्ष: शुचिता की परीक्षा
नीट-यूजी का दोबारा आयोजन केवल एक परीक्षा नहीं, बल्कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता की भी परीक्षा है। सरकार और सीबीआई की संयुक्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं है। 21 जून को होने वाली यह परीक्षा उन लाखों छात्रों के लिए न्याय की उम्मीद है जिन्होंने दिन-रात मेहनत कर डॉक्टर बनने का सपना देखा है।
छात्रों के लिए महत्वपूर्ण लिंक और सहायता:
परीक्षार्थी नवीनतम जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट exams.nta.ac.in/NEET पर नजर बनाए रखें। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए एनटीए की हेल्पलाइन नंबर 011-40759000 पर संपर्क किया जा सकता है।