पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हत्या की जांच तेज़
वरिष्ठ नेता के करीबी की हत्या में कुख्यात तस्कर गिरफ्तार, 10 दिन की STF रिमांड पर

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में पिछले महीने हुई एक वरिष्ठ राजनेता के करीबी सहयोगी की सनसनीखेज हत्या के मामले में एक बड़ा मोड़ आया है। राज्य के विशेष कार्यबल (STF) ने इस हत्याकांड के मुख्य संदिग्ध और सीमा पार तस्करी के बड़े रैकेट के सरगना अब्दुल शेख को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आरोपी को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
पश्चिम बंगाल में राजनीतिक हिंसा और अपराध के गठजोड़ पर लगाम कसने की दिशा में जांच एजेंसियों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। राज्य के एक कद्दावर राजनेता के विश्वासपात्र और स्थानीय युवा नेता सुब्रत रॉय (काल्पनिक नाम) की दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले में पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने कुख्यात हथियार और गोतस्कर अब्दुल शेख को एक गुप्त सूचना के आधार पर धर दबोचा है।
क्या था पूरा हत्याकांड?
ज्ञात हो कि पिछले महीने 15 तारीख को उत्तर 24 परगना के एक व्यस्त बाजार में सुब्रत रॉय पर मोटरसाइकिल सवार अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं। सुब्रत को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। इस घटना के बाद इलाके में भारी राजनीतिक तनाव और हिंसक प्रदर्शन हुए थे। मामला हाई-प्रोफाइल होने के कारण इसकी जांच एसटीएफ (STF) को सौंप दी गई थी।
एसटीएफ (STF) का गुप्त ऑपरेशन
एसटीएफ के महानिरीक्षक (IG) ने जानकारी देते हुए बताया कि अब्दुल शेख पिछले कई हफ्तों से पुलिस को चकमा दे रहा था और सीमा पार कर पड़ोसी देश भागने की फिराक में था। पुलिस ने उसके मोबाइल की लोकेशन और मुखबिरों की सटीक सूचना के आधार पर मुर्शिदाबाद के एक छिपे हुए ठिकाने पर देर रात छापेमारी की। पुलिस को देखते ही अब्दुल ने भागने की कोशिश की, लेकिन कमांडो टीम ने उसे चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक विदेशी पिस्तौल और कई फर्जी पासपोर्ट भी बरामद हुए हैं।
सुपारी किलिंग और राजनीतिक साजिश का अंदेशा
पुलिस के अनुसार, यह हत्या राजनीतिक रंजिश और ‘सुपारी किलिंग’ (Contract Killing) का मामला प्रतीत हो रही है। सुब्रत रॉय इलाके में सीमा पार होने वाली तस्करी के खिलाफ मुखर थे और उनका बढ़ता प्रभाव तस्करों के सिंडिकेट की आंखों में चुभ रहा था। अदालत में पेशी के दौरान एसटीएफ के वकीलों ने तर्क दिया कि अब्दुल शेख से पूछताछ कर यह पता लगाना है कि उसे हत्या के लिए पैसे किसने दिए थे और क्या इस साजिश में कोई अन्य राजनीतिक विरोधी भी शामिल है।
अदालत का फैसला
न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अब्दुल शेख को 10 दिन की कड़ी पुलिस रिमांड (Police Remand) पर भेज दिया है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि इन 10 दिनों की सघन पूछताछ में कई और बड़े सफेदपोश अपराधियों के चेहरों से नकाब उठेगा। इस गिरफ्तारी से मृतक के परिवार और समर्थकों ने न्याय की उम्मीद जताई है।