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पीएम मोदी को ‘झालमुड़ी’ खिलाने की मिली सजा?

विक्रेता विक्रम को सीमा पार से मिली जान से मारने की धमकियां, केंद्र ने दी CRPF की कड़ी सुरक्षा

लोकतंत्र में देश के प्रधानमंत्री और एक आम नागरिक के बीच का स्नेह कई बार देश-विरोधियों की आंखों में चुभने लगता है। पश्चिम बंगाल के जिस साधारण झालमुड़ी विक्रेता ‘विक्रम’ ने बड़े प्यार से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झालमुड़ी खिलाई थी, अब उसकी जान खतरे में पड़ गई है। पाकिस्तान और बांग्लादेश से विक्रम को लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तुरंत एक्शन लेते हुए एक आम नागरिक को सीआरपीएफ (CRPF) की कड़ी सुरक्षा प्रदान की है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति और सामाजिक ताने-बाने के बीच एक बेहद हैरान करने वाला और संवेदनशील मामला सामने आया है। कुछ दिनों पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। इस वीडियो में विक्रम नामक एक साधारण और गरीब झालमुड़ी विक्रेता प्रधानमंत्री को बेहद आत्मीयता के साथ अपने हाथों से बनी झालमुड़ी (बंगाल का एक प्रसिद्ध नाश्ता) खिलाते हुए नज़र आया था। प्रधानमंत्री ने भी बिना किसी प्रोटोकॉल की परवाह किए उस झालमुड़ी का आनंद लिया था। लेकिन इस खूबसूरत पल की विक्रम को अब भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।

सीमा पार से आने लगे धमकी भरे कॉल्स
वीडियो वायरल होने और विक्रम के रातों-रात पूरे देश में मशहूर होने के तुरंत बाद, उसके मोबाइल फोन पर अज्ञात नंबरों से कॉल्स आने शुरू हो गए। खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, ये इंटरनेट कॉल्स (VOIP) मुख्य रूप से पाकिस्तान और बांग्लादेश में बैठे आतंकी और चरमपंथी संगठनों द्वारा किए जा रहे थे। फोन करने वालों ने विक्रम को गंदी गालियां दीं और देश के प्रधानमंत्री के प्रति प्रेम और सम्मान दिखाने के लिए उसे जान से मारने की खौफनाक धमकियां दीं। धमकियों में यहां तक कहा गया कि “तुमने भारत के प्रधानमंत्री को अपनापन क्यों दिखाया, इसका अंजाम तुम्हें और तुम्हारे परिवार को अपनी जान देकर भुगतना होगा।”

दहशत में आया परिवार और खुफिया एजेंसियों की जांच
इन लगातार आ रही धमकियों से विक्रम और उसका गरीब परिवार भारी दहशत में आ गया। उन्होंने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क किया। मामला सीधे देश के प्रधानमंत्री से जुड़ा होने के कारण केंद्रीय खुफिया एजेंसियों (Intelligence Agencies) ने तत्काल इसे अपने हाथों में ले लिया। जांच में यह पुष्टि हुई कि धमकियों का स्रोत (Source) सीमा पार बैठे भारत विरोधी तत्व ही हैं, जो देश के भीतर प्रधानमंत्री की लोकप्रियता और एक आम आदमी के साथ उनके जुड़ाव को पचा नहीं पा रहे हैं।

गृह मंत्रालय का कड़ा संदेश: “हमारा नागरिक अकेला नहीं है”
जैसे ही यह पूरी रिपोर्ट केंद्रीय गृह मंत्रालय और गृह मंत्री के टेबल पर पहुंची, बिना एक पल गंवाए सख्त कदम उठाए गए। भारत सरकार ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि देश का कोई भी नागरिक, चाहे वह कितना भी गरीब या साधारण क्यों न हो, अगर वह अपने देश या प्रधानमंत्री के प्रति सम्मान व्यक्त करता है, तो उसे कोई भी विदेशी ताकत डरा नहीं सकती।

गृह मंत्रालय के विशेष आदेश पर तुरंत प्रभाव से विक्रम और उसके परिवार को सीआरपीएफ (CRPF) के हथियारबंद जवानों की ‘एक्स’ (X) श्रेणी की कड़ी सुरक्षा प्रदान कर दी गई है। अब विक्रम जब भी अपना ठेला लगाने जाता है, तो उसके आसपास सीआरपीएफ के कमांडो मुस्तैद रहते हैं।

देशभर से मिल रहा है विक्रम को समर्थन
केंद्र सरकार के इस कदम की देशभर में भारी प्रशंसा हो रही है। आम जनता इसे ‘न्यू इंडिया’ (New India) का एक प्रतीक मान रही है, जहाँ एक गरीब रेहड़ी वाले की सुरक्षा के लिए देश की सबसे बड़ी पैरा-मिलिट्री फोर्स तैनात कर दी जाती है। सुरक्षा मिलने के बाद विक्रम ने भावुक होते हुए कहा, “मैं बहुत डर गया था, लेकिन अब मुझे फख्र है कि मेरे देश की सरकार ने एक गरीब की जान की परवाह की। मोदी जी ने केवल मेरी झालमुड़ी ही नहीं खाई, बल्कि एक बड़े भाई की तरह मेरी जान भी बचाई है।” यह घटना स्पष्ट करती है कि राष्ट्रविरोधी ताकतें चाहे कितनी भी कोशिश कर लें, भारतीय लोकतंत्र की जड़ें आम जनता के दिलों में बहुत गहराई तक जुड़ी हुई हैं।