भारतीय रेलवे की नई उड़ान
15 नए प्रमुख रूटों पर दौड़ेगी 'वंदे भारत एक्सप्रेस', विस्तार योजना को मिली हरी झंडी

भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण और गति को नई दिशा देने वाली ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ ट्रेनों के नेटवर्क में एक और बड़ा विस्तार होने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने यात्रियों की भारी मांग और अपार सफलता को देखते हुए 15 नए प्रमुख रूटों पर वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन की विस्तृत योजना को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। जल्द ही ये अत्याधुनिक ट्रेनें देश के नए शहरों को आपस में जोड़ेंगी।
देश के रेल परिवहन तंत्र को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में भारतीय रेलवे लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। पूर्णतः स्वदेशी तकनीक से निर्मित और सेमी-हाई स्पीड (Semi-High Speed) पर दौड़ने वाली ‘वंदे भारत एक्सप्रेस’ आज हर भारतीय यात्री की पहली पसंद बन चुकी है। इसी लोकप्रियता को भुनाने और यातायात को सुगम बनाने के लिए रेलवे बोर्ड ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए देश के 15 नए और व्यस्त रूटों पर इन वातानुकूलित ट्रेनों को शुरू करने की हरी झंडी दे दी है।
किन शहरों को मिलेगा लाभ?
रेलवे के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, इन 15 नए रूटों का चयन रणनीतिक और व्यावसायिक दृष्टिकोण से किया गया है। इसमें उन शहरों को प्राथमिकता दी गई है, जहाँ व्यापारिक गतिविधियाँ अधिक हैं और जहाँ पर्यटन एवं धार्मिक यात्राओं के लिए यात्रियों की संख्या भारी रहती है। यद्यपि सभी 15 रूटों की अंतिम सूची जल्द ही सार्वजनिक की जाएगी, लेकिन यह तय है कि उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, गुजरात और दक्षिण भारत के कई प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों (Economic Hubs) को इस नई सौगात का सीधा लाभ मिलेगा।
अत्याधुनिक सुविधाएं और समय की बचत
वंदे भारत एक्सप्रेस अपनी गति के साथ-साथ अपनी विमान जैसी सुविधाओं के लिए जानी जाती है। स्वचालित दरवाजे, 360 डिग्री घूमने वाली आरामदायक सीटें, जीपीएस (GPS) आधारित यात्री सूचना प्रणाली, वाई-फाई (Wi-Fi), और बायो-वैक्यूम शौचालय इसे अन्य ट्रेनों से बिल्कुल अलग बनाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसकी तेज गति (160 किमी/घंटा तक) के कारण दो शहरों के बीच यात्रा के समय में 25 से 30 प्रतिशत तक की भारी कमी आती है, जो समय के पाबंद व्यापारिक वर्ग के लिए एक वरदान है।
स्लीपर (Sleeper) संस्करण की भी है तैयारी
इस विस्तार योजना के साथ-साथ रेलवे एक और बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। अब तक वंदे भारत ट्रेनें केवल कुर्सीयान (Chair Car) सुविधा के साथ छोटी और मध्यम दूरी की यात्रा के लिए उपलब्ध थीं। लेकिन इन 15 नए रूटों में से कुछ लंबी दूरी के मार्गों पर ‘वंदे भारत स्लीपर’ (Sleeper Version) उतारने की भी तैयारी जोरों पर है। इससे यात्री रात भर के सफर में भी इन प्रीमियम ट्रेनों का आनंद ले सकेंगे।
अर्थव्यवस्था और ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा
वंदे भारत का यह विस्तार केवल यातायात की सुविधा तक सीमित नहीं है। यह ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की एक बड़ी सफलता है। इन ट्रेनों के भारी पैमाने पर निर्माण (चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री सहित अन्य कारखानों में) से देश में रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। भारतीय रेलवे की यह नई उड़ान देश की अर्थव्यवस्था की धमनियों को और अधिक मजबूत करने का काम कर रही है।