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यूपी, राजस्थान और उत्तराखंड में ‘कैनाइन डिस्टेंपर वायरस’ का कहर

आवारा कुत्तों और वन्यजीवों पर भारी खतरा, हाई अलर्ट जारी

उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड के कई हिस्सों में आवारा कुत्तों और वन्यजीवों के बीच ‘कैनाइन डिस्टेंपर वायरस’ (Canine Distemper Virus – CDV) का संक्रमण अत्यंत भयानक रूप से फैल रहा है। मामलों की बढ़ती संख्या और इस वायरस की उच्च मृत्यु दर को देखते हुए तीनों राज्यों के पशुपालन और वन विभागों ने संयुक्त रूप से ‘हाई अलर्ट’ (High Alert) जारी कर दिया है। प्रशासन ने बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

देश के तीन बड़े राज्यों में इस समय एक अदृश्य और जानलेवा वायरस पशुओं की जान का दुश्मन बना हुआ है। उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड के शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में ‘कैनाइन डिस्टेंपर वायरस’ (CDV) के संक्रमण के मामलों में भारी उछाल दर्ज किया गया है। पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार, यह वायरस मुख्य रूप से कुत्तों की प्रजाति को अपना शिकार बनाता है, लेकिन अब इसके जंगल के मांसाहारी जानवरों में भी फैलने का गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है।

क्या है कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV)?
कैनाइन डिस्टेंपर एक अत्यंत संक्रामक और अक्सर जानलेवा वायरल बीमारी है। यह वायरस हवा के माध्यम से, संक्रमित जानवर के खांसने, छींकने या उनके बर्तन साझा करने से बहुत तेजी से फैलता है। यह वायरस सीधे जानवर के श्वसन तंत्र (Respiratory System), पाचन तंत्र (Gastrointestinal Tract) और अंततः केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर हमला करता है। संक्रमित जानवर को तेज बुखार, आंखों और नाक से पानी आना, उल्टी, दस्त, और अंत में लकवा मार जाता है। इस बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं है, केवल टीकाकरण ही इसका एकमात्र बचाव है।

आवारा कुत्तों से वन्यजीवों तक फैलने का खतरा
राजस्थान के रणथंभौर, उत्तर प्रदेश के दुधवा और उत्तराखंड के कॉर्बेट नेशनल पार्क जैसे बड़े वन्यजीव अभयारण्यों के आसपास रहने वाले आवारा कुत्तों में इस वायरस के लक्षण मिलना सबसे बड़ी चिंता का विषय है। यदि यह वायरस आवारा कुत्तों से बाघ, तेंदुए, लोमड़ी या सियार जैसे जंगली जानवरों में फैल गया, तो यह वन्यजीव संरक्षण के लिए एक बड़ी तबाही (Ecological Disaster) साबित हो सकता है। अतीत में भी CDV के कारण कई शेरों और बाघों की मौत हो चुकी है।

पशुपालन विभाग का हाई अलर्ट और बचाव कार्य
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तीनों राज्यों के पशुपालन विभागों ने आपातकालीन बैठक कर पूरे राज्य में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है। सभी सरकारी पशु चिकित्सालयों को आदेश दिया गया है कि वे पालतू और विशेषकर आवारा कुत्तों के लिए सघन टीकाकरण अभियान (Vaccination Drive) चलाएं। वन विभाग को अभयारण्यों के बफर जोन (Buffer Zones) में घूमने वाले कुत्तों को पकड़कर उन्हें टीका लगाने और संक्रमित कुत्तों को आइसोलेट (अलग) करने की सख्त हिदायत दी गई है।

पालतू कुत्तों के मालिकों के लिए एडवाइजरी
प्रशासन ने आम जनता और विशेष रूप से पालतू कुत्तों के मालिकों के लिए एक एडवाइजरी जारी की है। उन्हें सलाह दी गई है कि वे तुरंत अपने पशु चिकित्सक (Vet) से संपर्क कर अपने कुत्तों को CDV का टीका लगवाएं और उन्हें घर के बाहर लावारिस कुत्तों के संपर्क में आने से बचाएं। यदि इलाके में कोई कुत्ता बीमार या असामान्य व्यवहार करता दिखे, तो तुरंत नगर निगम या पशुपालन विभाग की हेल्पलाइन पर सूचना दें।