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पुणे में जहरीली शराब का तांडव

पिंपरी-चिंचवाड़ में 8 लोगों की दर्दनाक मौत, प्रशासन की घोर लापरवाही उजागर

संक्षेप (लीड): महाराष्ट्र के सांस्कृतिक और औद्योगिक शहर पुणे के उपनगर पिंपरी-चिंचवाड़ में अवैध और जहरीली शराब (Spurious Liquor) ने 8 लोगों की जिंदगी छीन ली है। इस हृदय विदारक घटना ने एक बार फिर राज्य के आबकारी विभाग (Excise Department) और स्थानीय पुलिस की मिलीभगत और घोर लापरवाही की पोल खोल कर रख दी है। पुलिस ने मुख्य सप्लायर को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन सवाल यह है कि स्मार्ट सिटी के दावों के बीच यह मौत का कारोबार आखिर किसकी शह पर फल-फूल रहा था?

पिंपरी-चिंचवाड़ मुख्य रूप से एक औद्योगिक बेल्ट (Industrial Belt) है, जहां भारी संख्या में प्रवासी मजदूर और दिहाड़ी कामगार रहते हैं। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 28 मई की शाम को काम से लौटने के बाद इन मजदूरों ने स्थानीय झुग्गी बस्ती में अवैध रूप से बेची जा रही सस्ती देशी शराब पी थी। देर रात इनकी हालत बिगड़ने लगी—आंखों की रोशनी कम होना, पेट में तेज जलन और उल्टियां शुरू हो गईं। जब तक इन्हें पास के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल (YCM) अस्पताल ले जाया गया, तब तक 8 लोग दम तोड़ चुके थे।

क्यों जानलेवा बन जाती है शराब?
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझें तो, पीने वाली सुरक्षित शराब में ‘इथाइल अल्कोहल’ (Ethanol) होता है। लेकिन अवैध शराब माफिया मुनाफा कमाने और नशा बढ़ाने के लिए इसमें सस्ते रसायनों और ‘मिथाइल अल्कोहल’ (Methanol) की मिलावट कर देते हैं। मेथेनॉल एक अत्यंत विषैला रसायन है, जिसकी मात्र कुछ बूंदें ही इंसान को अंधा करने या उसकी जान लेने के लिए काफी होती हैं।

प्रशासनिक विफलता और भ्रष्टाचार:
इस घटना के बाद विपक्ष ने महाराष्ट्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। यह पूरी तरह से एक ‘सिस्टेमेटिक फेलियर’ (Systemic Failure) है। अवैध शराब की भट्टियां पुलिस थानों के बीट प्रभारियों और आबकारी अधिकारियों की जानकारी के बिना नहीं चल सकतीं। हर महीने लाखों रुपये का ‘हफ्ता’ (Bribe) ऊपर तक पहुंचता है।

मुख्यमंत्री ने मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं और 2 स्थानीय पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है। मुख्य सप्लायर को हत्या के आरोप (धारा 302) के तहत गिरफ्तार किया गया है। लेकिन जब तक शराब माफिया और भ्रष्ट अधिकारियों के इस गठजोड़ को जड़ से नहीं उखाड़ा जाएगा, तब तक गरीब मजदूरों की चिताएं इसी तरह जलती रहेंगी।