फीफा वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा गोल करने वाले 5 खिलाड़ी, मेसी और एमबाप्पे भी शामिल
11 जून से फीफा वर्ल्ड कप 2026 का आगाज होने जा रहा है। दिग्गज फुटबॉलर लियोनेल मेसी और क्रिस्टियानो रोनाल्डो का यह आखिरी विश्व कप माना जा रहा है। मेसी की कप्तानी में अर्जेंटीना अपनी खिताबी जीत का बचाव करने उतरेगी।
मिरोस्लाव क्लोस : जर्मनी के दिग्गज स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोस फीफा विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2002 से 2014 तक चार विश्व कप में हिस्सा लिया और 24 मैचों में कुल 16 गोल किए। क्लोस ने 2002 और 2006 विश्व कप में पांच-पांच गोल दागे, जबकि 2010 में उनके खाते में चार गोल आए। अपने करियर के आखिरी विश्व कप 2014 में उन्होंने दो गोल किए और जर्मनी को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई।
रोनाल्डो : ब्राजील के महान स्ट्राइकर रोनाल्डो इस सूची में दूसरे स्थान पर हैं। ‘द फेनोमेनन’ के नाम से मशहूर रोनाल्डो ने 1994 से 2006 के बीच विश्व कप में कुल 15 गोल किए। उन्होंने यह उपलब्धि केवल 19 मैचों में हासिल की। खास तौर पर 2002 विश्व कप में रोनाल्डो ने आठ गोल दागे और ब्राजील को विश्व चैंपियन बनाने में निर्णायक योगदान दिया।

जस्टन फोंटेन : फ्रांस के जस्टन फोंटेन ने 1958 विश्व कप में ऐसा रिकॉर्ड बनाया, जिसे तोड़ना आज भी बेहद कठिन माना जाता है। उन्होंने उस एकमात्र विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए छह मैचों में 13 गोल किए थे। विश्व कप के एक संस्करण में सबसे ज्यादा गोल करने का यह रिकॉर्ड आज तक कायम है और कोई भी खिलाड़ी इसे नहीं तोड़ पाया है।
लियोनेल मेसी : 2022 में अर्जेंटीना को अपनी कप्तानी में विश्व चैंपियन बनाने वाले लियोनेल मेसी इस सूची में चौथे स्थान पर हैं। मेसी ने 2006 से 2022 के बीच खेले गए विश्व कप मुकाबलों में अब तक कुल 13 गोल किए हैं। कतर में आयोजित 2022 विश्व कप उनके करियर का सबसे यादगार टूर्नामेंट रहा, जहां उन्होंने सात गोल दागे और अर्जेंटीना को तीसरा विश्व कप खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
किलियन एमबाप्पे : कतर में खेले गए 2022 विश्व कप में भले ही अर्जेंटीना चैंपियन बनी हो, लेकिन किलियन एमबाप्पे ने अपने प्रदर्शन से सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी थीं। फाइनल में उनकी शानदार खेल शैली ने विरोधियों को भी उनका प्रशंसक बना दिया था। एमबाप्पे अब तक विश्व कप में 14 मैच खेल चुके हैं और 12 गोल कर चुके हैं। 2022 विश्व कप में उन्होंने आठ गोल दागकर गोल्डन बूट पुरस्कार भी अपने नाम किया था।