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‘मुझे लगा मैं सपना देख रहा हूं’, पहली बार भारतीय टीम में चुने जाने पर बोले हर्ष दुबे

युवा भारतीय ऑलराउंडर हर्ष दुबे का कहना है कि वनडे टीम के ड्रेसिंग रूम में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ जगह साझा करना उनके लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। इसके अलावा वह अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली आगामी घरेलू टेस्ट श्रृंखला के दौरान कप्तान शुभमन गिल की नेतृत्व शैली को करीब से समझने और उससे सीखने के लिए भी उत्सुक हैं।

बाएं हाथ के स्पिनर दुबे को टेस्ट और वनडे दोनों टीम में चुना गया है। उन्होंने कहा कि जब उन्हें पहली बार राष्ट्रीय टीम में चुने जाने की जानकारी मिली तब से सब कुछ एक सपने जैसा लग रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं तब हवाई अड्डे पर था जब मुझे किसी व्यक्ति का फोन आया कि वनडे श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में चुने जाने पर मुझे कैसा लग रहा है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लाउंज में शोर और नेटवर्क की समस्या के कारण मुझे लगा कि वह श्रीलंका में भारत ए टीम की वनडे त्रिकोणीय श्रृंखला की बात कर रहे हैं। इसलिए मैंने कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे मैं अपना सपना सच करने के करीब पहुंच गया हूं।’’

साभार : गूगल

दुबे ने कहा, ‘‘लेकिन मैंने जैसे ही फोन बंद किया संदेश आने लग गए कि मुझे टेस्ट और वनडे दोनों टीम में चुना गया है। मैंने ऑनलाइन खबर देखी तो सच कहूं मुझे ऐसा लगा जैसे कि मैं सपना देख रहा हूं।’’ आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद की तरफ से खेलने वाले इस खिलाड़ी ने रणजी ट्रॉफी के पिछले सत्र में विदर्भ की तरफ से खेलते हुए 69 विकेट लेने के अलावा 469 रन भी बनाए थे।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं अभी 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप में खेलने के बारे में नहीं सोच रहा हूं। अभी मैं जो भी मौका मिलता है उसमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं।’’ टेस्ट मैच के बाद होने वाले तीन वनडे मैचों के दौरान कोहली और रोहित के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने को लेकर दुबे ने कहा, ‘‘मैं उन्हें देखते हुए बड़ा हुआ हूं। जब से मैंने क्रिकेट को समझना शुरू किया है, तब से उन्हें खेलते हुए देख रहा हूं। अगर मुझे उनके साथ एक भी मैच खेलने का मौका मिल जाए, तो यह मेरे लिए सपना सच होने जैसा होगा।’’

टेस्ट और वनडे कप्तान गिल के साथ खेलने के बारे में दुबे ने कहा, ‘‘मैं वास्तव में शुभमन गिल को एक व्यक्ति के रूप में करीब से देखना चाहता हूं क्योंकि एक प्रतिद्वंद्वी के रूप में आप कभी भी पूरी तरह से यह नहीं समझ सकते कि कोई व्यक्ति कैसा है या एक कप्तान के रूप में वह कैसा है।’’