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गाजियाबाद के खोड़ा में हाई अलर्ट

सांप्रदायिक तनाव के बीच छावनी में तब्दील हुआ इलाका, जुमे की नमाज पर 1000 जवान तैनात

गाजियाबाद (पल्लवी श्रीवास्तव): उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के अत्यंत संवेदनशील और घनी आबादी वाले खोड़ा इलाके में इन दिनों भारी तनाव और बेचैनी का माहौल है। हाल ही में हुई कुछ अप्रत्याशित घटनाओं के बाद उत्पन्न हुए सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। जुमे की नमाज के मद्देनजर पूरे इलाके को हाई अलर्ट पर रखा गया है और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह नियंत्रण में रखने के लिए 1000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। वर्तमान स्थिति यह है कि पूरी खोड़ा कॉलोनी इस वक्त एक सैन्य छावनी में तब्दील नजर आ रही है, जहां हर नुक्कड़, चौराहे और संकरी गलियों में खाकी वर्दी का सख्त पहरा है।

अफवाहों ने बिगाड़ा माहौल, प्रशासन हुआ सख्त
खोड़ा इलाके में यह तनावपूर्ण स्थिति पिछले कुछ दिनों से पनप रही थी। सूत्रों के अनुसार, स्थानीय स्तर पर हुए एक विवाद ने देखते ही देखते सांप्रदायिक रंग ले लिया। इसके बाद सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर फैली भ्रामक अफवाहों ने आग में घी का काम किया। इन अफवाहों के तेजी से फैलने के कारण दोनों समुदायों के बीच अविश्वास और आक्रोश की भावना पैदा हो गई। हालांकि, गाजियाबाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अफवाह फैलाने वाले कई शरारती तत्वों की पहचान की है, लेकिन एहतियात के तौर पर जमीन पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करना बेहद जरूरी हो गया था, ताकि जुमे की नमाज के दौरान कोई भी अप्रिय घटना न घट सके।

ड्रोन से निगरानी और भारी पुलिस बल की तैनाती
खोड़ा को एशिया की सबसे बड़ी अनधिकृत कॉलोनियों में से एक माना जाता है। यहां की संकरी गलियों और अत्यधिक घनी आबादी के कारण पुलिसिंग हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है। स्थिति की संवेदनशीलता को भांपते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), प्रांतीय सशस्त्र सीमा बल (PAC) और कई थानों की स्थानीय पुलिस के 1000 से अधिक जवानों की तैनाती की है। पूरे इलाके को कई सेक्टर्स और जोन्स में बांटा गया है, जिसकी निगरानी डीसीपी (DCP) और एसीपी (ACP) स्तर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं कर रहे हैं।

जमीन के साथ-साथ आसमान से भी चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ड्रोन कैमरों की मदद से छतों की निगरानी कर रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसी भी असामाजिक तत्व ने पथराव के उद्देश्य से ईंट-पत्थर या अन्य सामग्री तो जमा नहीं की है। पुलिस बल लगातार फ्लैग मार्च निकालकर आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करने का प्रयास कर रहा है।

शांति समिति की बैठकें और साइबर सेल का कड़ा पहरा
इस तनाव को कम करने के लिए प्रशासन ने दोनों समुदायों के धर्मगुरुओं, मौलवियों और संभ्रांत नागरिकों के साथ कई दौर की शांति बैठकें (पीस कमेटी मीटिंग) की हैं। इन बैठकों में सभी पक्षों से शांति, संयम और भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई है। साथ ही सख्त निर्देश दिए गए हैं कि नमाज शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और कोई भी भड़काऊ नारेबाजी न की जाए।

इसके अतिरिक्त, गाजियाबाद पुलिस की साइबर सेल 24 घंटे एक्टिव मोड पर है। फेसबुक, एक्स (X), और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने या डिजिटल माध्यम से माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की इस मुस्तैदी से उम्मीद जताई जा रही है कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगी और इलाके में जल्द ही पूरी तरह से सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।