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नोएडा के IVY काउंटी सोसाइटी में भड़की भीषण आग

बहुमंजिला इमारत से उठा धुएं का गुबार, कई लोगों के फंसे होने की आशंका

नोएडा (अभिषेक सिंह): दिल्ली से सटे हाईटेक शहर नोएडा में गगनचुंबी इमारतों (High-Rises) में आग लगने की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ताज़ा और बेहद खौफनाक मामला नोएडा के सेक्टर 74 स्थित पॉश रिहायशी सोसाइटी ‘IVY काउंटी’ से सामने आया है। यहां की एक बहुमंजिला इमारत में अचानक भयानक आग लग गई। आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते उसने कई फ्लैट्स को अपनी चपेट में ले लिया और आसमान में काले धुएं का गुबार मीलों दूर से देखा जा सकता था। इस भयावह घटना में इमारत के ऊपरी फ्लोर्स पर कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है, जिससे पूरी सोसाइटी में दहशत का माहौल है।

हादसे का मंजर और अफरा-तफरी
चश्मदीदों के मुताबिक, आग इमारत के मध्य के एक फ्लोर से शुरू हुई और तेज हवाओं व ज्वलनशील सामग्री के कारण तेजी से ऊपर की मंजिलों की ओर फैलने लगी। आग लगते ही सोसाइटी के फायर अलार्म बज उठे और लोग जान बचाने के लिए बदहवास होकर सीढ़ियों से नीचे भागने लगे। लेकिन धुआं इतना घना था कि कई लोग जो ऊपरी मंजिलों पर थे, वे फ्लैट्स के भीतर ही फंस गए। बाहर खड़े परिजनों और पड़ोसियों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन और दहशतभरा हो गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन और दमकल विभाग की मुस्तैदी
घटना की सूचना मिलते ही नोएडा फायर ब्रिगेड की एक दर्जन से अधिक गाड़ियां और हाइड्रोलिक क्रेन तुरंत मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने मोर्चा संभालते हुए सबसे पहले फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। हाइड्रोलिक लिफ्ट के जरिए बालकनी और खिड़कियों के पास खड़े लोगों तक मदद पहुंचाई गई। पुलिस प्रशासन और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को भी अलर्ट पर रखा गया है। फायर फाइटर्स अपनी जान पर खेलकर आग के स्रोत तक पहुंचने और उस पर काबू पाने के लिए लगातार पानी की बौछार कर रहे हैं।

क्या फायर सेफ्टी सिस्टम था नदारद?
इस भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हाई-राइज इमारतों के फायर सेफ्टी सिस्टम (Fire Safety System) की पोल खोल दी है। शुरुआती रिपोर्टों में यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या इतनी महंगी और पॉश सोसाइटी में आग बुझाने के उपकरण (स्प्रिंकलर सिस्टम और फायर हाइड्रेंट) चालू हालत में थे? अक्सर देखा गया है कि बिल्डर्स फ्लैट बेचते समय बड़े-बड़े दावे करते हैं, लेकिन आपातकाल में यह सेफ्टी सिस्टम काम ही नहीं करते।

आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है, लेकिन अंदेशा जताया जा रहा है कि यह शार्ट सर्किट या एसी (AC) के फटने के कारण हुआ होगा। फिलहाल प्रशासन की पहली प्राथमिकता इमारत में फंसे हर एक नागरिक की जान बचाना और आग को पूरी तरह से बुझाना है। इस घटना के बाद निश्चित तौर पर नोएडा प्राधिकरण को सभी हाई-राइज बिल्डिंगों के फायर एनओसी (NOC) और सुरक्षा मानकों की कड़ी ऑडिट करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में ऐसी जानलेवा त्रासदियों से बचा जा सके।