फीफा वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले जर्मनी की बढ़ी चिंता, कार्ल टूर्नामेंट से बाहर
फीफा वर्ल्ड कप की शुरुआत से ठीक पहले जर्मनी को बड़ा झटका लगा है। टीम के युवा अटैकिंग मिडफील्डर लेनार्ट कार्ल चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। जर्मनी के मुख्य कोच जूलियन नैगल्समैन ने शनिवार को इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि कार्ल को अमेरिका में प्रशिक्षण के दौरान जांघ में चोट लग गई।
18 वर्षीय इस खिलाड़ी को शुक्रवार को शिकागो में आयोजित एक प्रशिक्षण सत्र के दौरान बाईं जांघ की मांसपेशी में खिंचाव आ गया था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। कार्ल की जगह जर्मनी की विश्व कप टीम में असन ओएड्राओगो को शामिल किया गया है।
कोच नैगल्समैन ने कहा कि उन्हें कार्ल के लिए बेहद दुख है। उन्होंने बताया कि कार्ल ने अपने सकारात्मक स्वभाव, रचनात्मक खेल, तेज गति और मजबूत व्यक्तित्व के दम पर टीम में अपनी विशेष पहचान बनाई थी। उनका टीम से बाहर होना जर्मनी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने इस सीजन में शानदार प्रदर्शन किया था।

युवा मिडफील्डर ने अपने उत्कृष्ट खेल के दम पर यूरोप के सबसे होनहार खिलाड़ियों में जगह बनाई और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्ल ने बायर्न म्यूनिख के लिए पूरे सीजन में अहम भूमिका निभाई। उनकी शानदार फॉर्म की बदौलत टीम ने घरेलू डबल खिताब जीता और यूईएफए चैंपियंस लीग के सेमीफाइनल तक का सफर तय किया।
मिडफील्ड में उनकी ऊर्जा, रचनात्मकता और मैच की गति को नियंत्रित करने की क्षमता ने उन्हें टीम का महत्वपूर्ण खिलाड़ी बना दिया था। यही कारण रहा कि उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के आधार पर उन्हें जर्मनी की विश्व कप योजनाओं में भी शामिल किया गया था।
कार्ल के स्थान पर चुने गए असन ओएड्राओगो को लेकर नैगल्समैन ने भरोसा जताया और युवा खिलाड़ी को इस बड़े मंच पर अवसर का पूरा लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा, “असन ओएड्राओगो के रूप में हमें एक ऐसा खिलाड़ी मिल रहा है, जिसने कार्ल की तरह ही हमारे साथ शानदार शुरुआत की थी। वह बेहद प्रतिभाशाली हैं और यहां निडर होकर तथा पूरी स्वतंत्रता के साथ खेलने के लिए तैयार हैं।”
जर्मनी टीम अगले सप्ताह शुरू होने वाले विश्व कप की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए मंगलवार को अमेरिका पहुंची। चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी 2018 और 2022 विश्व कप में ग्रुप चरण से अप्रत्याशित रूप से बाहर होने के बाद इस बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने लंबे सूखे को समाप्त करना चाहेगी।