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टी20 अंदाज नहीं छोड़ा, इसी सोच ने दिलाया टेस्ट शतक : केएल राहुल

सलामी भारतीय बल्लेबाज केएल राहुल ने कहा कि टी20 क्रिकेट से टेस्ट प्रारूप में वापसी के दौरान उन्होंने जानबूझकर अपने स्वाभाविक स्ट्रोकप्ले पर अंकुश नहीं लगाया। उनका मानना है कि इसी सोच ने उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के पहले दिन शतक बनाने में मदद की।

दिन का खेल समाप्त होने के बाद राहुल ने कहा, “कई बार खिलाड़ी बैठकर जरूरत से ज्यादा विश्लेषण करने लगते हैं और टी20 क्रिकेट से पूरी तरह अलग अंदाज में खेलने की कोशिश करते हैं। मैंने जानबूझकर यह सुनिश्चित किया कि मैं अपने शॉट्स को न रोकूं। साथ ही यह भी समझने की कोशिश की कि इस विकेट पर किन गेंदबाजों के खिलाफ कौन-से शॉट्स प्रभावी हो सकते हैं।”

केएल राहुल ने कहा, “आक्रामक सोच और टेस्ट क्रिकेट के लिए जरूरी अनुशासन के बीच संतुलन बनाना मेरी तैयारी का अहम हिस्सा था। यह ऐसी चीज थी, जिस पर मैंने इस टेस्ट मैच से पहले पूरे सप्ताह विचार किया। मैंने मैदान पर भी उसी योजना को लागू करने की कोशिश की। सुबह के सत्र में मुझे लगा कि मैंने कुछ शॉट्स जरूरत से ज्यादा खेले, लेकिन इससे मैं खुद से नाराज नहीं हुआ।”

© Associated Press

दाएं हाथ के बल्लेबाज ने आगे कहा, “मुझे शॉट खेलने या गेंद की मेरिट के अनुसार बल्लेबाजी करने में कोई परेशानी नहीं थी। मैं इसी दृष्टिकोण को लगातार अपनाने की कोशिश कर रहा था। मुझे बेहद खुशी है कि आईपीएल समाप्त होने के बाद मुझे कुछ समय मिला, जिससे मैं टी20 मोड से निकलकर खुद को टेस्ट क्रिकेट की मानसिकता में ढाल सका।”

पिच के बारे में राहुल ने कहा, “यह विकेट बल्लेबाजी के लिए बिल्कुल आसान नहीं लग रहा था। यह काफी धीमा था और गेंद नीचे रह रही थी, जिसकी हमें पहले से उम्मीद थी। हमने यहां कुछ दिनों तक अभ्यास किया था और परिस्थितियां काफी हद तक वैसी ही थीं।

मुझे क्रीज पर समय बिताने और गेंद को अपने पास आने देने की आदत डालनी पड़ी। यहां बिताए गए अभ्यास के दिनों ने काफी मदद की। मैंने वही तरीका मैच में भी अपनाया और लंबे समय तक क्रीज पर टिककर पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट खेलने का आनंद लिया।”